By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 19, 2026
गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने असम में इस साल हुए विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल ईवीएम की विश्वसनीयता और मशीन में इस्तेमाल सेमीकंडक्टर पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा दायर जनहित याचिका की स्वीकार्यता पर शुक्रवार को सुनवाई शुरू की। याचिकाकर्ताओं-असम जातीय परिषद और कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बड़े पैमाने पर हुई कथित अनियमितताओं के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनाव में अकेले दम पर बहुमत हासिल करने में मदद मिली। असम जातीय परिषद (एजेपी) के नेता और याचिकाकर्ताओं में से एक जियाउर रहमान ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार की अदालत ने याचिका की स्वीकार्यता पर संबंधित पक्षों को अपनी दलीलें रखने के लिए अगली तारीख चार नवंबर तय की है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि मतदान के दिन एक निश्चित समयावधि के दौरान बड़ी संख्या में निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के एक जैसे रुझान देखने को मिले, जो कोई स्वाभाविक घटना नहीं लगती। याचिकाकर्ताओं के वकील और निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष अपनी दलीलें रखीं। अगली सुनवाई में राज्य सरकार अपना पक्ष रख सकती है।
वहीं, जापानी कंपनी भी इस मामले में एक पक्षकार है।