By अंकित सिंह | Apr 16, 2026
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर चुनावी व्यवस्था में महिला आरक्षण लागू करने की आड़ में परिसीमन प्रक्रिया को अंजाम देने का आरोप लगाया। लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है, लेकिन उन्होंने सरकार से परिसीमन प्रक्रिया से आरक्षण को अलग रखने का आग्रह किया। गोगोई ने कहा कि तीन साल पहले केंद्रीय गृह मंत्री ने ठीक वैसे ही शब्द कहे थे जैसे आज केंद्रीय कानून मंत्री ने कहे, कि महिला आरक्षण ऐतिहासिक है, पहली बार हो रहा है। हमने तब भी यही कहा था और अब भी यही कह रहे हैं कि कांग्रेस महिला आरक्षण का समर्थन करती है। लेकिन कृपया महिला आरक्षण को सरल बनाएं ताकि पारित होते ही इसे लागू किया जा सके।
गोगोई ने कहा कि गृह मंत्री ने 2023 में आश्चासन दिया था कि जनगणना होगी, परिसीमन होगा, महिला आरक्षण लागू होगा। अब कह रहे हैं कि जनगणना और परिसीमन होगा। उन्होंने दावा किया कि लगता है कि सरकार महिला आरक्षण लागू करने में विलंब करना चाहती है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि हम आज भी कह रहे हैं कि महिला आरक्षण को परिसीमन के साथ मत जोड़िए। 543 सीटों पर ही 2029 में लागू करिए। उन्होंने कहा कि यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, यह पर्दे के पीछे परिसीमन कराने की राजनीतिक मंशा है।
गोगोई का कहना था कि अगर सरकार महिला आरक्षण के पक्ष में होती तो इसे तत्काल लागू करती। उन्होंने दावा किया कि सरकार को मजबूर होकर जाति जनगणना करानी पड़ी। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि सरकार ने कैसे निर्धारित किया कि लोकसभा सदस्यों की संख्या 815 करनी है? गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन को राजनीति हथियार के रूप में इस्तेमाल करनी चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्र निर्माताओं ने परिसीमन की व्यवस्था राजनीतिक हथियार के लिए नहीं की थी...लेकिन यह सरकार परिसीमन को निम्न स्तर की राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रही है।