By अभिनय आकाश | Nov 05, 2024
मुस्लिम धार्मिक नेताओं और विपक्षी दलों ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम की वैधता को बरकरार रखने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि अब मदरसे पूरी आजादी के साथ चल सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बनाया गया कानून असंवैधानिक कैसे हो सकता है? इन मदरसों से हजारों लोग जुड़े हुए हैं और सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उन्हें बड़ी राहत मिली है। अब हम पूरी आजादी के साथ अपने मदरसे चला सकते हैं। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि मदरसों ने देश को कई आईएएस और आईपीएस अधिकारी दिए हैं।
बता दें कि मदरसा एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। एससी ने इलाहबाद हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है और मदरसा एक्ट को मान्यता दे दी है। शीर्ष अदालत ने 22 अक्टूबर को इन मामलों में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ ने मई में अधिनियम को असंवैधानिक घोषित करने के उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगा दी थी। मदरसा/मदरसा उन संस्थानों को संदर्भित करता है जहां छात्रों द्वारा इस्लामी अध्ययन और अन्य शिक्षा प्राप्त की जा सकती है।