By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 01, 2026
अगले महीने शुरू होने जा रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इस साल 57 दिनों की अमरनाथ तीर्थयात्रा 3 जुलाई को दो मार्गों, अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबा छोटा लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाले बाल्टल मार्ग से शुरू होगी। यह तीर्थयात्रा श्रावण मास की पूर्णिमा यानी रक्षा बंधन पर 28 अगस्त को समाप्त होगी।
संभागीय आयुक्त ने कहा कि सभी कार्यों को समय पर पूरा करने और तीर्थयात्रा का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ चर्चा की गई। आईजीपी ने सुरक्षा बलों की तैनाती योजना की समीक्षा की और सभी ठहरने के केंद्रों पर उचित रोशनी की व्यवस्था और यात्रा के निर्धारित समय का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया। टूटी ने कठुआ और सांबा जिलों में सुरक्षा संबंधित तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को यात्रा मार्ग पर अधिकतम सतर्कता बनाए रखने तथा निगरानी उपायों को मजबूत करने का निर्देश दिया।
पुलिस महानिरीक्षक ने लखनपुर में आधार शिविर, यात्री निवास केंद्र और आगंतुक स्वागत सुविधाओं का निरीक्षण किया, साथ ही सुरक्षा तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, पहुंच नियंत्रण प्रणाली, तलाशी व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और तीर्थयात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। इसके बाद कठुआ के जिला पुलिस लाइन में एक सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई जहां कठुआ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहिता शर्मा ने अधिकारियों को निगरानी उपायों, काफिले के प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (क्यूआरटी) की तैनाती और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
आईजीपी ने तीर्थयात्रियों के साथ सुरक्षा प्रोटोकॉल और पेशेवर व्यवहार का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया। वहीं जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के डीआईजी श्रीधर पाटिल ने अधिकारियों को लंगर और निवास केंद्रों का नियमित रूप से निरीक्षण करने और संदिग्ध तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया।