अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर गहलोत, कांग्रेस हाईकमान ने दिखाई सख्ती, सोनिया से मिले पायलट | राजस्थान संकट पर बड़ी बातें

By अभिनय आकाश | Sep 29, 2022

कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट राजस्थान में हुए विवाद के बाद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर पहुंचे। उन्होंने 10 जनपथ जाकर सोनिया गांधी से मुलाकात की है। पायलट गांधी के आवास पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने के कुछ घंटे बाद पहुंचे। सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद सचिन पालयट ने कहा कि राजस्थान पर बातचीत हुई है। मैंने अपनी बातें सोनिया गांधी को कही है। पायलट ने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता कांग्रेस की 2023 में फिर से सरकार बने। इससे पहले गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद में घोषणा की कि वह अपने राज्य में राजनीतिक संकट की नैतिक जिम्मेदारी लेने के बाद कांग्रेस का राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ेंगे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर अगले दो दिनों में फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी करेंगी। 

कांग्रेस ने नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी 

कांग्रेस ने गुरुवार को एक एडवाइजरी जारी कर पार्टी के सभी नेताओं से कहा कि वे राजस्थान के विवाद के बाद पार्टी के आंतरिक मामलों और अन्य नेताओं के खिलाफ बयान देने से बचें। कांग्रेस ने एडवाइजरी का उल्लंघन करने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी। कांग्रेस की तरफ से जारी एडवाइजरी के अनुसार किसी भी स्तर पर सभी कांग्रेस नेताओं को अन्य नेताओं के खिलाफ या पार्टी के आंतरिक मामलों के बारे में सार्वजनिक बयान देने से बचना चाहिए। अगर इस एडवाइजरी का कोई उल्लंघन किया जाता है तो सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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राजस्थान संकट दुर्भाग्यपूर्ण, टाला जा सकता था, बिना नेहरू-गांधी परिवार के कांग्रेस पार्टी शून्य

अशोक गहलोत के कांग्रेस प्रमुख पद की रेस से हटने पर बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, "अब तक यह महसूस किया जा रहा था कि अशोक गहलोत हमारे आधिकारिक उम्मीदवार हो सकते हैं। अगर अशोक गहलोत चुनाव लड़ते तो हम इसका सम्मान करते। वह हमेशा कांग्रेस के प्रति वफादार रहे हैं। लेकिन राजस्थान की दुर्भाग्यपूर्ण घटना, जिसे टाला जा सकता था, ने समस्या पैदा कर दी है। दिग्विजय से सवाल पूछा गया था कि पार्टी के चुनाव और अन्य निर्णयों में गांधी परिवार के दखल को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बिना नेहरू-गांधी परिवार के कांग्रेस पार्टी शून्य है। 

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