Narada Jayanti 2026: ज्ञान-बुद्धि का मिलेगा वरदान, इस Special Puja विधि से करें देवर्षि को प्रसन्न

By अनन्या मिश्रा | May 02, 2026

हर साल ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि पर नारद जयंती मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन देवर्षि नारद प्रकट हुए थे। पौराणिक कथाओं के मुताबिक देवर्षि नारद ब्रह्माजी के मानस पुत्रों में से एक हैं। वहीं भगवान श्रीहरि विष्णु के जिन 24 अवतारों के बारे में बताया गया है, उनमें से एक देवर्षि नारद हैं। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और नारद जी की पूजा करना शुभ माना जाता है। इससे जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। तो आइए जानते हैं नारद जयंती की तिथि, मुहूर्त और पूजन विधि के बारे में...

पूजन विधि

इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद पूजा घर की साफ-सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें। फिर पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की पूजा करें और भगवान श्रीहरि को फल, ताजे फूल, चंदन और कुमकुम आदि अर्पित करें। इसके बाद धूप-दीप आदि के साथ विधिविधान से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करें। फिर नारद जी की पूजा-अर्चना करें। पूजा के दौरान श्रीहरि को पंचामृत का भोग जरूर लगाएं और उसमें तुलसी दल शामिल करें।

भगवान विष्णु और नारद जी की पूजा करें। इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है। वहीं जातक पर भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक नारद जयंती पर पूजा करने से बल, बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। वहीं इस दिन भगवान विष्णु के मंदिर जाकर बांसुरी अर्पित करनी चाहिए।

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