By रेनू तिवारी | May 02, 2026
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में हुए क्रूज़ हादसे का एक नया और रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सामने आया है। यह फुटेज न केवल उस भयावह पल की गवाही दे रहा है जब हँसता-खेलता सफर चीख-पुकार में बदल गया, बल्कि प्रशासन और क्रूज़ संचालकों की उन लापरवाहियों की भी पोल खोल रहा है जिन्होंने इस पर्यटन यात्रा को 'मौत का जाल' बना दिया। इस हफ़्ते की शुरुआत में बरगी बांध में पलटी क्रूज़ नाव के अंदर का एक नया वीडियो सामने आया है। यह वीडियो मध्य प्रदेश के सबसे जानलेवा पर्यटन हादसों में से एक से ठीक पहले के आखिरी पलों को दिखाता है, और यह भी उजागर करता है कि सुरक्षा के बुनियादी उपायों की पूरी तरह से अनदेखी की गई थी। फ़ुटेज में दिख रहा है कि यात्री नाव के अंदर बैठे हैं, तभी अचानक पानी अंदर आने लगता है। कुछ ही पलों में, हंसी-खुशी का माहौल अफ़रा-तफ़री में बदल जाता है, क्योंकि तूफ़ानी मौसम के बीच नाव ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगती है।
नाव के डूबना शुरू होने के बाद ही क्रू के सदस्य आनन-फ़ानन में बंधी हुई लाइफ़ जैकेटों को खोलते हुए दिखाई देते हैं। कई यात्री, जिनके पास तुरंत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं थे, स्थिति तेज़ी से बिगड़ने पर सील किए गए स्टोरेज से लाइफ़ जैकेट निकालने के लिए हाथ-पैर मारते हुए दिखाई देते हैं।
यह वीडियो उन यात्रियों के दावों की पुष्टि करता है जो इस हादसे में बच निकले थे। उनका कहना है कि सुरक्षा के ज़रूरी नियमों का पालन नहीं किया गया था और हादसे के दौरान यात्रियों को अपने हाल पर छोड़ दिया गया था।
रिपोर्टों से पता चलता है कि क्रूज़ में 40 से ज़्यादा पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ़ 29 लोगों के लिए ही जारी किए गए थे। इतनी ज़्यादा भीड़ होने के बावजूद, नाव को बरगी बांध के पानी में जाने की अनुमति दे दी गई थी, जबकि उस समय भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया हुआ था। इस अलर्ट में ख़राब मौसम और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी।
पुलिस ने इस वीडियो को साक्ष्य के तौर पर ज़ब्त कर लिया है। ओवरलोडिंग और सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामले में क्रूज़ संचालक और संबंधित अधिकारियों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। जबलपुर का यह हादसा प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर गया है।