By अनन्या मिश्रा | Oct 10, 2026
आज ही के दिन यानी की 10 अक्तूबर को गजल सम्राट कहे जाने वाले जगजीत सिंह का निधन हो गया था। जगजीत सिंह ने अपनी गजलों के जरिए लाखों लोगों के दिलों पर राज किया। आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन आज भी लोग उनकी गजलों को सुनना और गुनगुनाना पसंद करते हैं। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर गजल किंग जगजीत सिंह के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
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साल 1961 में अपने करियर की शुरूआत ऑल इंडिया रेडियो में गाने से की थी। उन्होंने संगीत की शुरूआती शिक्षा पंडित छगन लाल शर्मा और उस्ताद जमाल खान से ली थी। फिर साल 1965 में वह अपने परिवार को बिना बताए मुंबई आ गए थे। काफी संघर्ष करने के बाद उनको हिंदी सिनेमा में गाने का मौका मिला। साल 1967 में जब जगजीत सिंह काम की खोज कर रहे थे, तो इस दौरान उनकी मुलाकात चित्रा दत्त से हुई थी। हालांकि उस दौरान चित्रा शादीशुदा थीं।
हालांकि इसके बाद भी दोनों एक-दूसरे को दिल दे बैठे। जगजीत और चित्रा एक साथ कॉन्सर्ट करते थे। फिर साल 1980 तक वह गजल किंग बन चुके थे। प्राइवेट एल्बम के साथ जगजीत सिंह ने कई फिल्मों में भी कई गजलें गाईं। इनमें प्रेम गीत, अर्थ, जिस्म, जॉगर्स पार्क, तुम बिन जैसी फिल्में शामिल हैं। जगजीत और चित्रा का एक बेटा विवेक हुआ। लेकिन विवेक की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस घटना ने जगजीत और चित्रा को अंदर तक तोड़ दिया था।
इस घटना के बाद जगजीत सिंह संगीत की दुनिया से दूर हो जाना चाहते थे। कई महीनों तक जगजीत ने कोई गाना नहीं गाया था। धीरे-धीर संगीत की दुनिया में जगजीत सिंह ने फिर वापसी की। सीने में बेटे की मौत का सदमा दबाए बैठे जगजीत सिंह ने जब वह गजल की दुनिया में वापस लौटे, तो उनकी आवाज में किसी को खोने का दर्द पहले से काफी ज्यादा था। लेकिन पत्नी चित्रा ने बेटे की मौत से दुखी होकर उन्होंने अपने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी।
भारत सरकार द्वारा जगजीत सिंह को साल 2003 में 'पद्म भूषण' के सम्मान से नवाजा गया था।
वहीं साल 2011 में यूके में जगजीत सिंह को गुलाम अली के साथ परफॉर्म करना था। लेकिन 23 सितंबर 2011 को ब्रेन हैमरेज के कारण जगजीत सिंह को मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। वहीं करीब 2 सप्ताह तक वह कोमा में रहे और उनकी हालत बिगड़ती चली गई। वहीं 10 अक्तूबर 2011 को जगजीत सिंह ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था।