Guru Dutt Death Anniversary: हिंदी सिनेमा के चमकते सितारा थे गुरु दत्त, ऐसे बनाया था फिल्म इंडस्ट्री में मुकाम

आज ही के दिन यानी की 10 अक्तूबर को भारतीय सिनेमा को बेहतरीन फिल्में देने वाले गुरु दत्त का निधन हो गया था। गुरु दत्त ने अपने छोटे फिल्मी करियर में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। अभिनेता होने के साथ-साथ गुरु दत्त फिल्ममेकर और निर्माता भी थे।
आज ही के दिन यानी की 10 अक्तूबर को भारतीय सिनेमा को बेहतरीन फिल्में देने वाले गुरु दत्त का निधन हो गया था। गुरु दत्त ने अपने छोटे फिल्मी करियर में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। अभिनेता होने के साथ-साथ गुरु दत्त फिल्ममेकर और निर्माता भी थे। हालांकि शुरूआत में वह संघर्ष करके अपने करियर के पीक पर पहुंचे। फिल्मी करियर के अलावा अभिनेता गुरु दत्त अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी चर्चा में रहे। तो आइए जानते हैं अभिनेता गुरु दत्त के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
बेंगलुरु में 09 जुलाई 1925 को गुरु दत्त का जन्म हुआ था। उनका असली नाम वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण था। बचपन में गुरु दत्त के साथ एक हादसा हुआ था। इस हादसे में उनको गंभीर चोट लगी थीं। जिस कारण उनको कई सप्ताह तक बुखार रहा था। जिसको एक संत ने अशुभ माना। बाद में उस संत ने परिवार को उनका नाम बदलने की सलाह दी। बताया जाता है कि उनका जन्म गुरुवार को हुआ था, इसलिए उनका नाम गुरु दत्त पादुकोण रखा था।
इसे भी पढ़ें: Steve Jobs Death Anniversary: टेक्नोलॉजी की दुनिया में अमर हो गए Steve Jobs, ऐसे की थी 'Apple' कंपनी की शुरूआत
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह कभी कॉलेज नहीं जा सके। फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले वह कलकत्ता में टेलीफोन ऑपरेटर रूप में काम किया करते थे। लेकिन उन्होंने जल्द ही यह काम छोड़ दिया। फिर वह पुणे चले गए अपने अपने अंकल के कहने पर प्रभात स्टूडियो में असिस्टेंट डांस निर्देशक की नौकरी करने लगे। इस दौरान उन्होंने डांस की बारीकियां सीखीं और फिल्म मेकिंग सीखा। स्टूडियो में काम करने के दौरान गुरु दत्त की देवानंद के साथ अच्छी दोस्ती हो गई।
अभिनेता बने गुरु दत्त
गुरु दत्त को अभिनेता देव आनंद की दोस्ती से लाभ हुआ और साल 1946 में प्रभात स्टू़डियो की फिल्म 'हम एक हैं' से गुरु ने बतौर कोरियोग्राफर इंडस्ट्री में अपना करियर शुरू किया। फिर उनको फिल्मों में काम करने का मौका मिला। गुरु दत्त ने 'जाल', 'सैलाब', 'बहरानी' और 'भरोसा' जैसी फिल्मों में काम किया।
पर्सनल लाइफ
गुरु दत्त जब अपने फिल्मी करियर के सबसे अच्छे दौर में थे, तो उनकी मुलाकात गीता दत्त से हुई। दोनों की दोस्ती हुई और फिर प्यार हुआ। साल 1953 में गुरु और गीता ने शादी कर ली। दोनों की शादीशुदा जिंदगी काफी अच्छी चल रही थी और करियर भी अच्छा चल रहा था। तभी गुरु की मुलाकात अभिनेती वहीदा रहमान से हुई। बताया जाता है कि गुरु और वहीदा एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे, लेकिन गुरु पहले से शादीशुदा थे। वहीं वहीदा रहमान को लेकर गुरु दत्त और गीता दत्त में काफी झगड़े होते थे। फिर साल 1957 में गुरु और गीता की शादीशुदा जिंदगी में दरार आ गई और आखिरकार दोनों अलग हो गए।
दिवालिया हुए अभिनेता
साल 1959 में अभिनेता गुरु दत्त की फिल्म 'कागज के फूल' रिलीज हुई। यह फिल्म फ्लॉप साबित हुई और इसका असर यह हुआ कि गुरु दिवालिया हो गए। वहीं एक ओर जहां गुरु एक्ट्रेस वहीदा रहमान को नहीं अपना पाए, तो वहीं उनकी शादी भी टूट चुकी थी। दूसरी तरफ फिल्म में होने वाले नुकसान के कारण गुरु दत्त टूट चुके थे।
मृत्यु
गुरु दत्त ने दो बार आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन जब उन्होंने तीसरी बार ऐसा किया, तो उनकी जान चली गई। 10 अक्तूबर 1964 को अभिनेता गुरु दत्त अपने बेडरूम में मृत पाए गए। बताया जाता है कि उन्होंने खूब शराब पी रखी थी और इसके बाद कई नींद की गोलियां खा ली थीं।
अन्य न्यूज़













