By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 22, 2021
गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर पर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील एक वीडियो जारी होने के मामले में सोमवार को ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक को आगाह किया कि अगर वह 24 जून को उसके समक्ष पेश नहीं हुए और जांच में शामिल नहीं हुए तो इसे जांच में बाधा के समान माना जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक मनीष माहेश्वरी को गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने दूसरा नोटिस जारी करके आगाह किया है कि उनके पेश नहीं होने की सूरत में उनके खिलाफ जांच को बाधित करने के आरोप में मुकदमा चलाया जाएगा।
भारत में ट्विटर के एमडी होने के नाते आप कंपनी के प्रतिनिधि हैं इसलिए आप जांच में सहयोग देने के भारत के कानून से बंधे हुए हैं।” अधिकारियों ने बताया कि कर्नाटक के बेंगलुरू में रहने वाले प्रबंध निदेशक (एमडी) मनीष माहेश्वरी को गाजियाबाद पुलिस ने 17 जून को नोटिस जारी किया था और उनसे मामले में सात दिन के भीतर लोनी बॉर्डर थाने में अपना बयान दर्ज कराने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक (गाजियाबाद ग्रामीण) ईरज राजा ने पीटीआई-को बताया, ‘‘ट्विटर इंडिया के एमडी ने जवाब दिया है और कुछ समय के लिए वीडियो कॉल के जरिए जांच से जुड़ने की पेशकश की है।
उन्होंने पुलिस के साथ सहयोग करने का आश्वासन दिया है।’’ राजा ने कहा, ‘‘ट्विटर इंडिया के अधिकारियों ने मुद्दे पर कुछ सूचनाएं और स्पष्टीकरण दिया है। इन सूचनाओं के संदर्भ में हम ट्विटर इंडिया के संबंधित अधिकारियों को एक और नोटिस भेजने वाले हैं।’’ गाजियाबाद पुलिस ने मामले में अब तक ट्विटर इंडिया और न्यूज वेबसाइट ‘द वायर’ को नोटिस जारी किया है जिसमें कुछ पत्रकारों और विपक्षी कांग्रेस के नेताओं पर सांप्रदायिक अशांति फैलाने के इरादे से वीडियो को साझा करने का आरोप है।