By मिताली जैन | Jun 25, 2026
ग्लूटेन-फ्री डाइट पिछे कुछ समय से काफी पॉपुलर है। आम लोगों से लेकर सेलिब्रिटी तक, इसे फॉलो करने लगे हैं। कुछ समय पहले तक ग्लूटेन सेंसिटिविटी के लिए इस डाइट को फॉलो किया जाता था, लेकिन अब डाइजेशन और वजन कम करने के लिए भी ग्लूटेन फ्री डाइट को लोग फॉलो करते हैं। हो सकता है कि आप भी ग्लूटेन-फ्री डाइट शुरू करने की सोच रहे हैं, लेकिन इससे पहले आपको कुछ हेल्थ हैक्स के बारे में जान लेना चाहिए-
अक्सर ग्लूटन फ्री डाइट में भी ब्लोटिंग हो सकती है, इसलिए एक डायरी बनाएं। 2-3 सप्ताह तक नोट करें कि कौन-सा भोजन खाने के बाद आपका पेट फूलता है, गैस बनती है और भारीपन महसूस होता है। इससे आपके लिए असली ट्रिगर पहचानना आसान हो जाता है।
अक्सर डाइट से ग्लूटेन बाहर करने के बाद लोगों को कब्ज की शिकायत हो सकती है। इसलिए, अपनी डाइट में फल, चिया सीड्स, अलसी या फाइबर युक्त भोजन शामिल करें। इससे पाचन बेहतर रहता है।
अगर आप चीट मील में रेस्टोरेंट के खाने का विकल्प चुन रहे हैं तो ऐसे में समझदारी से खाना खाएं। अक्सर रेस्टोरेंट की ग्रेवी और सॉस में अक्सर छिपा हुआ ग्लूटेन हो सकता है। ऐसे में बेहतर होगा कि जितना हो सके सादा दाल, चावल, ग्रिल्ड या तंदूरी विकल्प चुनें।
- मिताली जैन