अब शेयरों की तरह सोने का भी होगा कारोबार! जानें कैसे काम करेगा यह सिस्टम

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 29, 2021

मुंबई। बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को प्रतिभूति बाजार से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले किये। सोने की प्रतिभूतियों और सामाजिक क्षेत्र की कंपनियों के लिये अलग शेयर बाजार बनाने, निवेशकों के हितों की रक्षा के लिये निवेशक अधिकार पत्र तथा विलय एवं अधिग्रहण को अधिक तार्किक बनाने के साथ ही चांदी के एक्सचेंज ट्रेडिड फंड (सिल्वर ईटीएफ) की शुरुआत के लिये नियमों में संशोधन केा मंजूरी दी गई है। संबंधित पक्ष के साथ लेनदेन के नियमों को और सख्त बनाया गया, वहीं अधिक अथवा प्रभावी मतदान अधिकार वाले शेयरों को जारी करने के नियमों को सरल बनाया गया।

इसे भी पढ़ें: 1 अक्टूबर से बैंक और आपकी सैलरी से जुड़े नियमों में आएंगे कई बड़े बदलाव, यहां पढ़े पूरी डिटेल

इसके साथ ही सूचीबद्धता समाप्त करने के नियमों में कुछ राहत दी गई है। इन तमाम पहलों का मकसद प्रतिभूति बाजार को मजबूत बनाना है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निदेशक मंडल की मंगलवार को हुई बैठक में इन तमाम फैसलों को मंजूरी दी गई। सामाजिक क्षेत्र से जुड़े उपक्रमों के लिये कोष जुटाने का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुये सामाजिक शेयर बाजार (सोशल स्टॉक एक्सचेंज) के ढांचे को मंजूरी दे दी गई। निदेशक मंडल की बैठक के बाद भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन अजय त्यागी ने कहा कि मौजूदा शेयर बाजारों में सामाजिक शेयर बाजार अलग खंड होगा।सामाजिक सेवाओं से जुड़ी कंपनियां इस बाजार में भाग ले सकेंगी।इस श्रेणी में गैर-लाभकारी संगठन (एनपीओ) और लाभ के साथ समाज के स्तर पर भलाई का काम करने वाली कंपनियां आती हैं। सेबी निदेशक मंडल ने स्वर्ण बाजार के गठन की रूपरेखा संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इस बाजार में सोने की खरीद-बिक्री इलेक्ट्रॉनिक स्वर्ण रसीद के रूप में की जा सकेगी।

इसे भी पढ़ें: शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 17,900 के पार

शेयर बाजार की तरह काम करने वाले इस एक्सचेंज से मूल्यवान धातु के लिये पारदर्शी घरेलू हाजिर मूल्य तलाशने की व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी। त्यागी ने कहा कि सोने का प्रतिनिधित्व करने वाला साधन इलेक्ट्रॉनिक स्वर्ण रसीद (ईजीआर) कहलाएगा और इसे प्रतिभूतियों के रूप में अधिसूचित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी अन्य प्रतिभूति की तरह ईजीआर में कारोबार करने, समाशोधन और निपटान जैसी व्यवस्थायें होंगी। सेबी के बयान के अनुसार कोई भी मान्यता प्राप्त, मौजूदा और नया एक्सचेंज ईजीआर में कारोबार शुरू कर सकता है। ईजीआर के कारोबार को लेकर राशि और इलेक्ट्रॉनिक स्वर्ण रसीद को सोने में तब्दील करने के बारे में निर्णय शेयर बाजार सेबी की मंजूरी से कर सकता है। सेबी निदेशक मंडल ने एक अहम कदम उठाते हुये चांदी का ईटीएफ शुरू करने के वासते नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। यह मंजूरी मौजूदा गोल्ड ईटीएफ के लिये रखे गये नियामकीय प्रक्रिया की तर्ज में सुरक्षा उपाय रखते हुये दी गई है। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में सेबी ने अधिक और प्रभावी मतदान के अधिकार से जुड़े शेयरों (एस आर शेयर) के मामले में पात्रता जरूरतों में ढील देने का निर्णय किया। इस कदम से नवीन प्रौद्योगिकी आधारित कंपनियों को मदद मिलेगी।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि जिन प्रवर्तकों का नेटवर्थ 1,000 करोड़ रुपये से अधिक है, वे कंपनियों में अधिक मतदान अधिकार वाले शेयर रख सकते हैं। फिलहाल यह सीमा 500 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा, अधिक मतदान अधिकार वाले शेयर जारी करने और विवरण पुस्तिका (रेड हेयरिंग प्रोस्पेक्टस) जमा करने के बीच न्यूनतम अंतर को कम कर तीन महीने कर दिया गया है। फिलहाल यह छह महीने है। सेबी निदेशक मंडल ने खुली पेशकश के बाद कंपनी के इक्विटी शेयर की सूचीबद्धता समाप्त करने से जुड़े नियमों में संशोधन का भी निर्णय किया। इस पहल का मकसद विलय और अधिग्रहण को अधिक युक्तिसंगत और सुगम बनाना है। निदेशक मंडल ने संबंधित पक्ष लेनदेन की परिका विस्तार करते हुये अधिग्रहणकर्ता के लिये खुली पेशकश के बाद अधिग्रहीत कंपनी की सूचीबद्धता समाप्त करने को आसान बनाया गया है। नियामक ने कहा कि उस अधिग्रहणकर्ता के लिये अधिग्रहण नियमन के तहत नयी व्यवस्था केवल खुली पेशकश के मामले में उपलब्ध होगी, जो संबंधित कंपनी में स्वयं या संयुक्त नियंत्रण चाहता है। अगर अधिग्रहणकर्ता संबंधित कंपनी की सूचीबद्धता समाप्त करना चाहता है, उसे इसके लिये खुली पेशकश कीमत के ऊपर उपयुक्त प्रीमियम के साथ अधिक मूल्य का प्रस्ताव करना होगा।

इसे भी पढ़ें: अमित शाह ने कहा, सरकार जल्द नयी सहकारिता नीति की घोषणा करेगी

इसके अलावा, सेबी निदेशक मंडल ने संबंधित पक्षों के बीच लेन-देन के नियमों के कड़ाई से लागू करने और मजबूत निगरानी व्यवस्था को लेकर नियमों में बदलाव का निर्णय किया। एक अन्य महत्वपूर्ण कदम में नियामक ने निवेशकों के लिये अधिकार पत्र को मंजूरी दी। इस पहल से निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। निवेशकों के अधिकार पत्र (चार्टर) में निवेशकों के अधिकार, जिम्मेदारी, प्रतिभूति बाजार में क्या करना है और क्या नहीं करना है, समेत अन्य बातों को शामिल किया गया है। इसके अलावा नियामक ने विभिन्न इकाइयों के साथ विचार-विमर्श कर सेबी के मान्यता प्राप्त बाजार ढांचागत संस्थानों, पंजीकृत मध्यस्थों और नियमित इकाइयों के लिये भी निवेशक अधिकार पत्र तैयार किया है।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Bangladesh के 11वें प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान, कैबिनेट मंत्रियों में कौन-कौन शामिल

Assam Budget में वित्त मंत्री Ajanta Neog का दावा, दोगुनी हुई Per Capita Income, सबसे तेज Growth

Modi-Macron Meet: भारत-फ्रांस की Beautiful Partnership, मुंबई में रक्षा से AI तक बनी नई रणनीति

Chinese New Year 2026 । रीयूनियन डिनर से लेकर मियाओहुई जाने तक, जानिए Spring Festival की दिलचस्प परंपराएं