By Ankit Jaiswal | May 17, 2026
वैश्विक बाजार में इस समय इस्पात की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही हैं और इसका असर भारत समेत कई बड़े देशों में दिखाई दे रहा हैं। इसी बीच गोल्डमैन सैक्स की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते इस्पात बाजारों में शामिल हो गया हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल और मई की शुरुआत में दुनिया के कई बड़े बाजारों में इस्पात की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस साल की शुरुआत से अब तक ब्राजील में एचआरसी इस्पात की कीमतों में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई हैं। वहीं अमेरिका में यह बढ़ोतरी 15 प्रतिशत रही हैं। अन्य क्षेत्रों में भी इस्पात की कीमतों में 6 से 13 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई है।
बता दें कि भारत में इस्पात उत्पादन लगातार मजबूत बना हुआ हैं। रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 में भारत का कच्चा इस्पात उत्पादन सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़ा हैं। इससे पहले फरवरी में यह वृद्धि 7 प्रतिशत रही थी, जबकि पूरे वर्ष के दौरान औसत वृद्धि करीब 10 प्रतिशत दर्ज की गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि देश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, निर्माण कार्यों और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी के कारण इस्पात की मांग मजबूत बनी हुई है।
गौरतलब है कि लंबी अवधि वाले इस्पात उत्पादों की कीमतों में भी कई क्षेत्रों में तेजी देखी गई हैं। ब्राजील में रीबार की कीमतों में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई हैं, जबकि यूरोप में यह बढ़त 6.9 प्रतिशत और ब्लैक सी क्षेत्र में 6.1 प्रतिशत दर्ज की गई है।
दूसरी तरफ चीन में इस्पात उत्पादन में गिरावट देखने को मिल रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मई के पहले दो हफ्तों में चीन का इस्पात उत्पादन सालाना आधार पर 3.2 प्रतिशत घटा हैं। गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि चीन में इस्पात उद्योग को लेकर क्षमता घटाने और उत्पादन नियंत्रण की योजनाएं जारी हैं, लेकिन इनके पूरी तरह लागू होने में देरी हो सकती है।
अमेरिका और यूरोप के बाजारों में भी मिश्रित स्थिति देखने को मिली हैं। यूरोप में मार्च के दौरान कच्चे इस्पात उत्पादन में मासिक आधार पर 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, हालांकि सालाना आधार पर उत्पादन अभी भी कमजोर बना हुआ हैं। वहीं अमेरिका में अप्रैल के दौरान साप्ताहिक इस्पात उत्पादन में 3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन में संपत्ति क्षेत्र की कमजोरी के बावजूद बुनियादी ढांचा गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं। इसके अलावा विनिर्माण क्षेत्र में सुधार देखने को मिला हैं, जबकि निर्माण क्षेत्र में कुछ नरमी दर्ज की गई है।
गोल्डमैन सैक्स ने अनुमान जताया है कि 2026 तक दुनिया के प्रमुख बाजारों में इस्पात की कीमतें सामान्य रूप से स्थिर बनी रह सकती हैं। हालांकि अमेरिका में कीमतें यूरोप, चीन और ब्राजील की तुलना में अधिक मजबूत रहने की संभावना जताई गई है।