डॉक्टरों को धमकाना बंद करे 'धनादेश' की सरकार: सज्जन सिंह वर्मा

By दिनेश शुक्ल | Jun 05, 2021

भोपाल। मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल पर राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस नेता सरकार पर आक्रामक हो गए है और बयानबाजी कर रहे हैं। इसी क्रम में अब पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने सरकार पर हमला बोला है। सज्जन सिंह ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का आज पांचवा दिन है। सरकार जिस तरह से अडियल रवैया अपना रही है उससे साफ लगता है कि उसे ना तो नौजवान डॉक्टरों के भविष्य की फिक्र है और ना ही मध्य प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य की कोई चिंता है।

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पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि डॉक्टर अपनी वही मांगे मनवाने की बात कर रहे हैं, जिन्हें मानने का आश्वासन सरकार पहले दे चुकी है। अगर सरकार को यह मांगे नहीं माननी थी, तो पहले आश्वासन देने की क्या जरूरत थी। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार डॉक्टरों को झांसा देने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं तो डॉक्टरों की समस्याओं पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने के बजाए सरकार एक के बाद एक ऐसा कदम उठा रही है जिससे डॉक्टर और भड़क जाएं।

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कांग्रेस विधायक ने कहा कि पहले सरकार ने 400 से अधिक डॉक्टरों को बर्खास्त किया और उसके बाद 3000 से ज्यादा जूनियर डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया। जूनियर डॉक्टरों को समझाने के बजाय सरकार ने कुछ जूनियर डॉक्टर्स के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। उनके ऊपर कॉलेज प्रबंधन की ओर से 10 लाख रुपए से 30 लाख रुपए तक जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। यह किसी भी रूप में एक व्यावहारिक या राजनीतिक समाधान प्रतीत नहीं हो रहा है। हाल यह है कि मध्य प्रदेश के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का समर्थन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स भी कर चुके हैं।

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उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसी तरह का अडियल रवैया अपनाए रही तो इस बात का अंदेशा है कि मध्य प्रदेश के सारे डॉक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे। वैश्विक महामारी के समय ऐसा घमंड और तानाशाही भरा रवैया किसी सरकार को शोभा नहीं देता। लेकिन मध्य प्रदेश में इस समय पैसे से खरीदी हुई सरकार चल रही है और वह हर समस्या को पैसे और जुर्माने के दम पर ही सुलझाना चाहती है। पूर्व मंत्री वर्मा ने कहा कि असल में इस सरकार की कोई जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के प्रति नहीं है, क्योंकि यह जनादेश की सरकार ना होकर धनादेश की सरकार है। डॉक्टरों की हड़ताल पर सरकार का जो रवैया है उससे लगता है कि सरकार के मंत्री और अफसर अपनी तिजोरियां भरने में व्यस्त हैं और जनता से उनका कोई लेना-देना नहीं रह गया है।

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कांग्रेस नेता ने कहा कि जब पूरा भारत कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी कर रहा है, तब मध्य प्रदेश सरकार के भीतर सत्ता का षड्यंत्र चल रहा है। जो सरकार आज तक इस बात का पूरी तरह से पता नहीं लगा सकी कि हमीदिया अस्पताल से कौन लोग रेमडेसीवर इंजेक्शन चोरी कर ले गए। वह सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कितनी गंभीर है, यह खुद ही उजागर हो जाता है। पूर्व मंत्री वर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से साफ शब्दों में कहना चाहती है कि डॉक्टरों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाए। उनके खिलाफ की जा रही तानाशाही और बर्बरता की कार्यवाही तत्काल बंद की जाए। डॉक्टरों के परिवारों का पुलिस उत्पीड़न बंद किया जाए और ऐसी परिस्थितियां ना बनने दी जाएं जिससे स्वास्थ सेवाओं के अभाव में प्रदेश की जनता को भारी नुकसान उठाना पड़े।

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