अदालत के निर्देश के मुताबिक सरकारी प्रक्रिया का पालन करना होगा : उच्चतम न्यायालय

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 22, 2021

नयी दिल्ली। सरकारी प्रक्रिया को अदालत के निर्देशों के मुताबिक ‘‘चलना’’ होगा। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को केरल के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए यह बात कही। उच्चतम न्यायालय ने 28 वर्षों से जेल में बंद दो सजायाफ्ता कैदियों की समय पूर्व रिहाई के प्रस्ताव पर निर्णय नहीं करने के लिए उन्हें फटकार लगाई। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में पहले आदेश दिये जाने के बावजूद सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस मामले में निर्णय नहीं लेने पर नाराजगी व्यक्त की और आदेश दिया कि जहरीली शराब के लगभग तीन दशक पुराने मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे दोनों लोगों को तुरंत जमानत पर रिहा किया जाए।

इसे भी पढ़ें: ओटीटी कंपनी ने असम में कंटेंट चोरी किये जाने के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई

दोनों दोषियों की पत्नियों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने मामले में पहले के आदेशों का हवाला दिया और कहा कि छह सितंबर को इसने ‘‘स्पष्ट निर्देश’’ दिया था कि दो हफ्ते के अंदर सक्षम अधिकारी निर्णय करें। वकील मालिनी पोडुवल के मार्फत दायर याचिका में कहा गया है कि दोषी विनोद कुमार और मणिकांतन ने क्रमश: 28 वर्ष से अधिक और करीब 30 वर्ष जेल की सजा काटी है। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, ‘‘अदालत के निर्देशों के विपरीत इस तरीके से सरकार काम नहीं कर सकती है। इस निर्देश के पीछे कोई मकसद था। क्या नहीं था? पहले भी सुनवाई स्थगित हुई।’’ पीठ ने राज्य सरकार के वकील से कहा, ‘‘अदालत द्वारा दिए गए समय के अंदर अगर आप निर्णय नहीं कर सकते हैं तो हम रिहाई के निर्देश देंगे। आप हमारे रास्ते में नहीं आ सकते हैं। यह हमार विशेषाधिकार है।

आप प्रस्ताव पर निर्णय करने के लिए समय ले सकते हैं।’’ पीठ ने निर्देश दिया कि याचिका लंबित रहने के दौरान दोषियों को जमानत पर रिहा किया जाए। अभियोजन के मुताबिक, अवैध शराब के कारण 31 लोगों की मौत हो गई थी, छह लोग अंधे हो गए थे जबकि 500 से अधिक व्यक्ति बीमार हो गए थे। मामला कोल्लम में दर्ज हुआ था और निचली अदालत ने आरोपियों एवं अन्य को आजीवन कारावास की सजा दी थी।

प्रमुख खबरें

CBFC के पूर्व प्रमुख Prasoon Joshi को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने Prasar Bharati के नए Chairman

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ का किया शुभारंभ

Maoist ठिकाना रिकवर करने गए थे जवान, Kanker में IED ब्लास्ट ने ली 4 वीरों की जान

Al Falah Trust केस: Money Laundering के आरोपी जवाद सिद्दीकी को बड़ा झटका, Delhi कोर्ट ने खारिज की जमानत