By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 11, 2021
नयी दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बृहस्पतिवार को फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सऐप और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया मंचों को आगाह किया कि अगर उनका उपयोग भारत में झूठी खबरें फैलाने, हिंसा या वैमनस्य को बढ़ावा देने में किया जाता है तो उनके खिलाफ सख्ती की जाएगी। प्रसाद ने कहा कि अगर सोशल मीडिया का दुरूपयोग किया जाता है और झूठी खबरों के अलावा, हिंसा व वैमनस्य को बढ़ावा मिलता है तो ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों अमेरिकी संसद भवन में हिंसा और यहां लाल किले में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा के समय ऐसे मंचों का आचरण विरोधाभासी रहा। उन्होंने कहा कि कई सोशल मीडिया मंचों ने अमेरिका में पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया लेकिन यहां भारत में उलटा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ऐसा दोहरा मानदंड स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रसाद ने कहा कि ऐसी कंपनियां भारत में काम करें, पैसे कमाएं लेकिन साथ ही वे संविधान और देश के कानूनों का भी पालन करें। उन्होंने कहा कि सरकार मीडिया की स्वतंत्रता और व्यक्तियों के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह देश में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी समान रूप से चिंतित है।
उन्होंने कहा कि देश का संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है लेकिन अनुच्छेद 19 (2) में यह भी जिक्र है कि यह देश की संप्रभुता और अखंडता के मद्देनजर उचित रोक के अधीन है। प्रसाद ने सोशल मीडिया पर देश के लोगों की निजता की सुरक्षा के संदर्भ में कहा कि सरकार नए दिशानिर्देशों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जब नए दिशानिर्देश आएंगे तो कमियों को दूर किया जा रहा है और कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि वह मीडिया मंचों से कहना चाहते हैं कि स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन वे आपत्तिजनक वीडियो दिखाकर इसका दुरूपयोग नहीं कर सकते।