LPG Price Hike पर सरकार का बड़ा दावा- Global Market में लगी आग, फिर भी जनता को राहत

By Ankit Jaiswal | Jun 07, 2026

रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी के बाद आम लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में भारी उछाल आने के बावजूद भारतीय उपभोक्ता दुनिया के कई देशों की तुलना में अब भी कम दाम पर रसोई गैस प्राप्त कर रहे हैं।

बता दें कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को राहत जारी रखी गई है। योजना से जुड़े परिवारों को प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसके बाद उन्हें साल के पहले चार रिफिल पर प्रभावी रूप से 642 रुपये प्रति सिलेंडर का भुगतान करना होगा।

सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव के कारण गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। गौरतलब है कि भारत अपनी गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इसकी कीमत सऊदी अरब द्वारा तय किए जाने वाले वैश्विक मानक मूल्य से जुड़ी होती है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी में गैस का वैश्विक मानक मूल्य लगभग 543 अमेरिकी डॉलर प्रति टन था, जो बाद में बढ़कर 790 अमेरिकी डॉलर प्रति टन तक पहुंच गया है। यानी कुछ ही महीनों में इसमें लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली आपूर्ति में बाधा और पश्चिम एशिया में बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव बताया गया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में एक घरेलू गैस सिलेंडर की वास्तविक लागत 1600 रुपये से अधिक बैठ रही है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से केवल 942 रुपये लिए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि लागत और बिक्री मूल्य के बीच का बड़ा अंतर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां और सरकारी सहायता के माध्यम से वहन किया जा रहा है।

गौरतलब है कि पिछले वित्त वर्ष के अंत तक घरेलू गैस बिक्री पर होने वाला कुल घाटा लगभग 60 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। यह एक वर्ष पहले 41,338 करोड़ रुपये था। इस बोझ को कम करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को 30 हजार करोड़ रुपये की सहायता देने की मंजूरी दी है।

सरकार ने यह भी कहा है कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल रहा जहां गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बाधित नहीं हुई है। इसके लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया, नए स्रोतों से आयात किया गया और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाया गया है।

बता दें कि भारत ने अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से भी गैस आयात बढ़ाया है। साथ ही घरेलू उत्पादन 60 प्रतिशत से अधिक बढ़ाई गई है ताकि किसी प्रकार की कमी न हो। सरकार का कहना है कि इन उपायों की वजह से देश में रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित नहीं हुई है।

सरकार का कहना है कि घरेलू गैस की कीमतों में की गई यह वृद्धि उपभोक्ताओं को वैश्विक किमत वृद्धि के पूरे असर से बचाने और देशभर में गैस की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने का प्रयास है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर सरकार और तेल कंपनियों की नजर बनी हुई है।

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