Dharmendra Pradhan के इस्तीफे के बाद Jantar Mantar का आंदोलन खत्म, क्या बोले Abhijeet Dipke?

By एकता | Jul 26, 2026

नीट पेपर लीक विवाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा मांगें मान लिए जाने के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने राहत की सांस ली है। उन्होंने बेहद सुकून भरे अंदाज में कहा, "अब मैं बिना इस फिक्र के अपने कमरे में सो सकता हूं और जाग सकता हूं कि आगे क्या करना है या शाम को क्या होगा।" 37 दिनों तक चले इस कठिन आंदोलन के खत्म होने के बाद दिपके काफी शांत और तनावमुक्त नजर आए।

व्यंग्य से शुरू हुआ आंदोलन बना 'जेन जी' का बड़ा मंच

अभिजीत दिपके ने आज सुबह अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो मैसेज शेयर किया, जिसमें उन्होंने कहा कि अब कोई घबराहट नहीं है। उन्होंने इस 37 दिनों के प्रदर्शन को बहुत ही मुश्किल भरा दौर बताया। गौरतलब है कि दिपके ने मई में देश के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी पर तंज कसते हुए CJP की शुरुआत की थी। लेकिन देखते ही देखते यह एक बड़ा जन-आंदोलन बन गया, जिसने पिछले 70 दिनों में देश की 'जेन जी' को एक मंच पर ला खड़ा किया।

इसे भी पढ़ें: Kailash Vijayvargiya का बड़ा दावा, पहले ही दिन इस्तीफे को तैयार थे Dharmendra Pradhan

जंतर-मंतर पर गूंजा 'इंकलाब'

देखते ही देखते हजारों समर्थक दिल्ली के दिल कहे जाने वाले जंतर-मंतर पर जुटने लगे। NEET पेपर लीक और अभ्यर्थियों की आत्महत्या के मुद्दे पर नाराज छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया और जंतर-मंतर 'इंकलाब' के नारों से गूंज उठा। जैसे-जैसे मांग पूरी होने में देरी हुई, वैसे-वैसे आंदोलन से हजारों नए युवा जुड़ते चले गए।

बीमारी के बावजूद डटे रहे दिपके

आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा, धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया और सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने की बात मान ली। इसके बाद CJP ने अपना आंदोलन वापस ले लिया। दिपके ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि यह राह बिल्कुल आसान नहीं थी। उन्होंने टाइफाइड और तेज बुखार होने की वजह से कल जंतर-मंतर पर सभी का पर्सनली शुक्रिया न अदा कर पाने के लिए माफी भी मांगी।

उन्होंने कहा, "जो लोग 37 दिनों तक जंतर-मंतर पर डटे रहे, मैं आप सभी का दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। आपने इस देश और शिक्षा व्यवस्था के लिए जो किया है, वह वाकई काबिले तारीफ है।"

इसे भी पढ़ें: Delhi Protest: छात्रों पर Police Action पर बिफरे Rahul Gandhi, Amit Shah को पत्र लिखकर पूछा- आदेश किसने दिया?

आलोचनाओं ने हमें और बेहतर बनाया

अभिजीत दिपके ने उन लोगों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने इस आंदोलन और उनकी रणनीति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि सही और जायज आलोचनाओं ने ही उन्हें हर कदम पर बेहतर काम करने में मदद की, जिसकी वजह से यह आंदोलन सफल हो पाया।

प्रमुख खबरें

उत्तराखंड में तीसरी बार सरकार बनाने के लिए BJP को दें 65 से ज्यादा सीटें: Amit Shah

दिल्ली-NCR में GRAP III की पाबंदियां लागू, वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी के करीब पहुंचा

Diwali Puja में मां लक्ष्मी को क्यों चढ़ाते हैं खील-बताशे, जानिए इसके पीछे का धार्मिक महत्व

Kerala के निर्माण क्षेत्र पर असर, Bengal से प्रवासी मजदूरों की वापसी अनिश्चित