36 राफेल खरीदकर सरकार ने किया राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता, JPC जांच जरूरी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 18, 2019

नयी दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शुक्रवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने वायुसेना की 126 लड़ाकू विमानों की जरूरत को नकार कर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया है और इस मामले में जेपीसी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब वायुसेना को 126 विमानों की जरूरत थी तो सरकार सरकार सिर्फ 36 राफेल विमान क्यों खरीद रही है? उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को प्रति विमान 186 करोड़ रुपये अधिक देने होंगे। उन्होंने यह मांग दोहराई कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से राफेल मामले की जांच होनी चाहिए।

इसे भी पढ़ें : CAG का राफेल की जानकारी देने से इनकार, कहा- संसद का विशेषाधिकार हनन होगा

चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा कि राफेल मामले में संबंधित बातचीत के दल ने 4 -3 से फैसला किया। क्या किसी रक्षा सौदे में कभी ऐसा हुआ? ऐसा क्यों हुआ कि इस सौदे से जुड़े हर फैसले सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए 4-3 से किये गए? उन्होंने कहा कि इस मामले की गहन जांच जेपीसी से होनी चाहिए। हम जेपीसी जांच की मांग दोहराते हैं। चिदंबरम ने कहा कि ऑफसेट साझेदार के चयन पर सवालिया निशान है। एचएएल को दरकिनार किये जाने को लेकर सवाल है। 

इसे भी पढ़ें : राफेल मामले में AAP सांसद संजय सिंह ने खटखटाया SC का दरवाजा

राफेल विमान सौदे से जुड़ी एक खबर का हवाला देते हुए चिदंबरम ने कहा कि एक अखबार में आये नये तथ्यों और खुलासों के आलोक में, गंभीर और बड़ा सवाल ये है कि सरकार ने 36 राफेल विमान ही क्यों खरीदे, जबकि वायु सेना को 126 विमानों की जरूरत थी? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने वायु सेना की 7 स्क्वाड्रन (126 विमान) की सख्त जरूरत को नकार कर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया है।

प्रमुख खबरें

Iran-Israel Conflict: परमाणु प्लांट के पास मिसाइल अटैक से दुनिया की सांसें थमीं, 180 जख्मी

PM Modi ने रचा नया इतिहास, देश में सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले Non-Congress Leader बने

Share Market का Red Alert: Investors के 1 लाख करोड़ डूबे, इन शेयरों में हुई भारी बिकवाली

Premier League: Everton ने Chelsea को 3-0 से रौंदा, लगातार चौथी हार से बढ़ा संकट