By अनन्या मिश्रा | Jan 29, 2025
मौनी अमावस्या का व्रत
अमावस्या तिथि की- 28 जनवरी 2025 को शाम 7:25 मिनट पर शुरू हो चुकी है।
अमावस्या तिथि का अंत- 29 जनवरी 2025 को शाम 06:05 मिनट पर होगा।
उदयातिथि के मुताबिर इस बार मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025 को मनाई जा रही है।
स्नान के दौरान मौन रहना
मौनी अमावस्या के मौके पर स्नान करते समय मौन रहें और मन ही मन भगवान के नाम का स्मरण करते रहें।
अगर आप पूरा दिन मौन व्रत करना चाहते हैं तो सुबह जल्दी स्नान आदि कर स्वच्छ कपड़े पहनें और मौन रहने का संकल्प करें।
इस दिन आपको बातचीत करने से बचना चाहिए। वहीं अगर बहुत जरूरी हो, तो आप लिखित रूप से या फिर संकेतों से अपनी बात कह सकते हैं।
इस दिन तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए।
मौन व्रत करने के साथ ही ध्यान, योग और भगवान के मंत्रों का जाप करना चाहिए।
व्रत के लाभ
बता दें कि मौनी अमावस्या पर मौन व्रत करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इससे बाहरी और आंतरिक शुद्धि होती है और मौन व्रत मानसिक शांति प्रदान करता है। साथ ही यह मन को भी नियंत्रित करता है। मौनी अमावस्या पर मौन व्रत करने से आत्म-संयम और ध्यान केंद्रित करने की शक्ति बढ़ती है। श्रीमद्भागवत गीता में भी इस बात का उल्लेख मिलता है कि जिसका मन अशांत रहा है, उसको मौन व्रत जरूर करना चाहिए।