By निधि अविनाश | Feb 04, 2021
स्वीडिश जलवायु एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के विरोध के लिए एक टूलकिट डॉक्यूमेंट्स शेयर किया था जिसमें कैसे विश्व स्तर पर कृषि कानूनों का समर्थन और विरोध किया जाने को लेकर कई चीजें लिखी गई थी। बता दें कि उनके ट्विटर हैंडल पर शेयर किए गए इन डॉक्यूमेंट्स ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत को बदनाम करने की एक भयावह साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। इस टूलकिट को गलती से शेयर करने के बाद जलवायु कार्यकर्ता ने बाद में अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट को हटा दिया है।जानकारी के मुताबिक इस टूलकिट डॉक्यूमेंट्स में दिल्ली के बाहरी इलाके में हो रहे किसान प्रदर्शन की हलचल को तेज करने की एक विस्तृत योजना दी गई है। जानकारी के मुताबिक, भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ग्रेटा की वैश्विक किसानों की हड़ताल टूल किट की डॉक्यूमेंट्स शेयर करते हुए कहा कि वे 26 जनवरी को दंगों के लिए तैयार थे।
ग्रेटा थुनबर्ग ने डिलीट किया पोस्ट
बता दें कि ग्रेटा थनबर्ग ने टूलकिट को शेयर करते हुए लिखा कि "अगर आपको मदद करनी है तो आप इस टूलकिट से मदद ले सकते है"। इस टूलकिट में किसानों के विरोध को समर्थन देने के लिए ट्विटर पर कई पोस्ट शेयर करने, किसानों की तस्वीरें पोस्ट करने से लेकर भारतीय दूतावासों और सरकारी अधिकारियों के बाहर विरोध प्रदर्शन करने जैसी कई कार्रवाइयां शामिल थीं।
यहाँ पूरा डॉक्यूमेंट्स है जिसे ग्रेटा थुनबर्ग ने ट्वीट किया था: