By अभिनय आकाश | Aug 01, 2026
गुजरात सरकार ने अपनी दोहरी-ट्रैक वाली तालुका प्लानिंग सिस्टम की जगह 18 सदस्यों वाली एक 'यूनिफाइड तालुका प्लानिंग कमिटी' (UTPC) बनाई है। गुजरात एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स कमीशन की चौथी रिपोर्ट पर अमल करते हुए, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने राज्य भर में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए मौजूदा 'तालुका प्लानिंग कमिटी' और 'आपणो तालुको-वाइब्रेंट तालुको' (ATVT) की एग्जीक्यूटिव बॉडीज़ को मिला दिया है। इस फ़ैसले का मकसद तालुका-स्तर पर विकास की प्लानिंग को ज़्यादा व्यवस्थित, समन्वित और नतीजों पर केंद्रित बनाना है।
GARC की सिफारिश के आधार पर, अब हर तालुका में कई प्लानिंग कमेटियों की जगह एक ही 'यूनिफाइड तालुका प्लानिंग कमेटी' (UTPC) होगी। जारी बयान के अनुसार, यह यूनिफाइड स्ट्रक्चर विभागों के बीच तालमेल बेहतर करेगा, प्रशासनिक देरी कम करेगा और कल्याणकारी योजनाओं व विकास परियोजनाओं को लागू करने की गति बढ़ाएगा।
UTPC स्थानीय विकास की प्राथमिकताओं की पहचान करेगी, 'विकेंद्रीकृत जिला योजना कार्यक्रम' के तहत एकीकृत योजनाएं तैयार करेगी और विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करेगी। यह शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पेयजल, सड़क, कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में योजना बनाने की प्रक्रिया को भी मजबूत करेगी। स्थानीय जरूरतों के हिसाब से विकास योजनाएं बनाकर, UTPC यह सुनिश्चित करने में मदद करेगी कि सरकारी लाभ ग्रामीण नागरिकों तक तेजी से और प्रभावी ढंग से पहुंचें।
अब हर तालुका में विकास योजना का काम 'यूनिफाइड तालुका प्लानिंग कमेटी' (UTPC) के जरिए किया जाएगा। इस कमेटी को संतुलित और प्रभावी निर्णय लेने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। तालुका पंचायत के अध्यक्ष इसके चेयरपर्सन, सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) को-चेयरपर्सन और तालुका विकास अधिकारी (TDO) मेंबर सेक्रेटरी होंगे।