By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 07, 2026
भारत के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली 67 प्रतिशत से अधिक महिलाओं का मानना है कि उनके कार्यस्थलों में वेतन समानता मौजूद है, जबकि 33 प्रतिशत महिलाओं को लगता है कि वेतन में अंतर है। नौकरी डॉट कॉम की शनिवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। व्हाट वीमेन प्रोफेशनल्स वांट शीर्षक वाली यह रिपोर्ट देश के 50 से अधिक उद्योगों की 50,000 महिलाओं के बीच किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार, 67 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि उनके कार्यस्थलों पर वेतन समानता है, जबकि 33 प्रतिशत ने माना कि वहां समानता नहीं है। वेतन में अंतर होने की बात रियल एस्टेट (42 प्रतिशत) के पेशेवरों ने सबसे दृढ़ता से कही, जिसके बाद एफएमसीजी (38 प्रतिशत), दवा और जीवन विज्ञान (38 प्रतिशत) और वाहन (37 प्रतिशत) क्षेत्र का स्थान रहा। रिटेल (35 प्रतिशत), होटल एवं रेस्तरां (35 प्रतिशत), आईटी सेवाएं (34 प्रतिशत), टेलीकॉम (34 प्रतिशत), चिकित्सा सेवा (33 प्रतिशत) और तेल एवं गैस क्षेत्र (33 प्रतिशत) की महिलाओं ने भी माना कि वेतन में असमानता या अंतर मौजूद है।
यह हिचकिचाहट अनुभव बढ़ने के साथ और गहरी होती जाती है। नवागंतुकों में यह दर 29 प्रतिशत है, जो 10-15 साल के अनुभव वाली महिलाओं में बढ़कर 40 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। करीब 42 प्रतिशत महिलाओं ने माना कि भर्ती और पदोन्नति में होने वाला भेदभाव कार्यस्थल पर उनकी सबसे बड़ी चुनौती है। पिछले वर्ष की तुलना में इस धारणा में सात आधार अंकों की वृद्धि हुई है। चेन्नई (44 प्रतिशत) और दिल्ली/एनसीआर (43 प्रतिशत) जैसे महानगरों में भी यही रुझान देखा गया है। इन चुनौतियों के बीच 83 प्रतिशत महिलाओं ने नेतृत्व की भूमिकाएं निभाने के लिए खुद को प्रोत्साहित महसूस किया, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 66 प्रतिशत था।
दक्षिण भारतीय शहरों की महिलाओं में नेतृत्व की इच्छा विशेष रूप से प्रबल देखी गई। इन्फो एज इंडिया की समूह सीएमओ सुमीत सिंह ने कहा, यह तथ्य कि 83 प्रतिशत महिलाएं नेतृत्व के लिए प्रोत्साहित महसूस करती हैं, उत्साहजनक है। हालांकि, यह चिंता का विषय है कि हर दो में से एक महिला को साक्षात्कार में अब भी अपनी व्यक्तिगत योजनाएं छिपानी पड़ती हैं। यह बताता है कि अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। इन्फो एज इंडिया नौकरी डॉट कॉम , जीवनसाथी डॉट कॉम और 99एकड़ डॉट कॉम की मूल कंपनी है।