By नीरज कुमार दुबे | Jul 31, 2024
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दुनिया को आज तब एक बड़ी कामयाबी मिली जब हमास नेता इस्माइल हानियेह को मार गिराया गया। हमास ने तेहरान में हवाई हमले में अपने नेता इस्माइल हानियेह की मौत की पुष्टि करते हुए इसके लिए इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान के सरकारी टीवी चैनल की खबर में भी कहा गया है कि तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानियेह की हत्या कर दी गई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी देश के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के कुछ घंटों बाद ही हानियेह की मौत की पुष्टि की और कहा कि वह इसकी जांच कर रहे हैं।
हम आपको बता दें कि 2017 में हमास के शीर्ष पद पर नियुक्त होने के बाद इस्माइल हानियेह गाजा पट्टी के यात्रा प्रतिबंधों से बचने के लिए तुर्की और कतर की राजधानी दोहा के बीच चला गया था। वहां उसे ईरान का पूरा समर्थन मिला। बाद में वह युद्धविराम संबंधी वार्ता में वार्ताकार के रूप में शामिल होने लगा था।
हम आपको यह भी बता दें कि इस्माइल हानियेह की मौत की खबर इजराइल द्वारा हिजबुल्लाह कमांडर को मारने का दावा करने के 24 घंटे से भी कम समय में आई है। रिपोर्टों के मुताबिक इजराइल के कब्जे वाले गोलान हाइट्स में एक घातक हमले के पीछे हिज्बुल्लाह कमांडर का हाथ था। यह दोनों घटनाएं यह भी दर्शाती हैं कि गाजा में जल्द ही कोई युद्धविराम समझौता नहीं होने जा रहा है। वैसे इज़रायली अधिकारियों की ओर से फिलहाल इस मुद्दे पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है। अमेरिका ने भी तत्काल इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
बताया जा रहा है कि इस्माइल हानियेह ईरान के राष्ट्रपति के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान आया था। मंगलवार को तेहरान में ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने शपथ ली थी। उस शपथ ग्रहण समारोह में भारत के केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी हिस्सा लिया था। शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीरों में इस्माइल हानियेह नजर आ रहा था। हम आपको बता दें कि कट्टरपंथी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मई में एक हेलीकॉप्टर हादसे में मृत्यु के बाद ईरान में राष्ट्रपति चुनाव आवश्यक हो गया था।