By अभिनय आकाश | May 25, 2026
समंदर के बीचों-बीच एक जहाज भारत की तरफ बढ़ रहा था। इस जहाज के बारे में किसी को नहीं पता था क्योंकि इस जहाज ने अपना सिग्नल बंद कर रखा था। लेकिन जैसे ही यह जहाज भारत के पास पहुंचा तो इसने अपना सिग्नल ऑन कर दिया और उसके बाद जो खबर आई उसने तहलका मचा दिया। पीएम मोदी ने यूरोप जाने से पहले ढाई घंटे संयुक्त अरब अमीरात में एक हाई लेवल मीटिंग की थी। दरअसल एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान अमेरिका जंग के बाद पहली बार एक जहाज संयुक्त अरब अमीरात से लिक्विफाइड नेचुरल गैस भरकर भारत ले आया है। लेकिन उससे भी दिलचस्प बात यह है कि जब ये जहाज अबू धाबी के दास आइलैंड पर खड़ा था और गैस को लोड कर रहा था तब इस जहाज ने अपने सिग्नल्स को बंद कर रखा था ताकि किसी को ना पता चले कि यह जहाज़ यहां खड़ा है। गैस भर कर यह जहाज़ बिना सिग्नल ऑन किए भारत की तरफ निकल पड़ा और जब यह जहाज़ खतरे वाले इलाके से निकल कर भारत के नजदीक पहुंचा, तो इसने अपना सिग्नल ऑन कर लिया।
अप्रैल के महीने में यह मात्रा 2,83,000 बैरल प्रतिदिन थी और उससे पहले 9 महीने तक भारत ने वेनेजुएला पर सेंशंस के चलते तेल ही नहीं खरीदा था। अब सवाल यह है कि भारत अचानक वेनेजुएला से इतना तेल क्यों खरीद रहा है? इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि वेनेजुएला के तेल के दाम कम है। ग्लोबल ऑयल मार्केट इस वक्त प्रेशर में है। सेंशंस हटने के बाद रूसी तेल महंगा हो गया है। स्टेट ऑफ हॉर्मोंस के चलते सऊदी अरब का तेल भी महंगा हो गया है। ऐसे में भारत के लिए वेनेजुएला का तेल दुनिया के मुकाबले सस्ता है। आपको बता दें कि वेनेजुएला का तेल हैवी और हाई सल्फर क्रूड ऑयल है। दुनिया में चुनिंदा देश ही हैं जो वेनेजुएला के तेल को रिफाइन कर सकते हैं। इसीलिए इस तेल की डिमांड बहुत ज्यादा नहीं है क्योंकि ज्यादातर देशों के पास ऐसी रिफाइनरीज ही नहीं है कि वह इतना हैवी क्रूड ऑयल रिफाइन कर सके।