By दिव्यांशी भदौरिया | Sep 11, 2026
हिंदू धर्म में हरतालिका तीज व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। इस बार हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जाएगा। प्रत्येक वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन इस व्रत को रखा जाता है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अखंड सौभाग्य और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना से निर्जला व्रत करती हैं।
इनके बिना पूजा और व्रत अधूरा रह सकता है। आइए आपको बताते हैं पूजा, भोग और दान सामग्री की पूरी लिस्ट, जिससे आपके व्रत और पूजा में किसी भी चीज की कोई कमी न रह जाए।
हरतालिका तीज पूजा सामग्री लिस्ट
-भगवान शिव, मां पार्वती और गणेशजी की मूर्ति बनाने के लिए गीली मिट्टी या बनी हुई प्रतिमा
-भगवान के वस्त्र
-मिट्टी के दीपक
-देवी पार्वती के श्रृंगार का सामान
-लकड़ी की चौकी
-लाल या पीला वस्त्र
-मिट्टी का कलश और उसका ढक्कन
-पानी वाला नारियल
-जनेऊ
-गुलाल
-सिंदूर
-घी
-शहद
-भस्म
-रोली
-लौंग
-इलायची
-चावल
-कलावा
-सुपारी
-कपूर
-धूपबत्ती
-दीपक के लिए रूई की बत्ती
हरतालिका तीज भोग की जरुरी सामग्री
धार्मिक मान्यता के अनुसार, तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती को कुछ न कुछ जरुरी चीजों को अर्पित करना चाहिए। इस दिन भोग के लिए 5 प्रकार के मौसमी फल और मिष्ठान जरुर रखें। इसके साथ ही पान का पत्ता, गणेशजी का प्रिय दूर्वा, शिवजी का प्रिय बेलपत्र, गेंदे के फूल, शमी यंत्र, भांग पत्र, गुलाब के फूल, धतूरे का फल, तुलसी मंजरी, फूल और आम के पत्ते भी पूजा में शामिल करें।
पंचामृत सामग्री लिस्ट
इस दिन पंचामृत बनाने के लिए गाय का दूध, दही, शहद, शक्कर और पंचमेवा लेना चाहिए। धार्मिक कार्यों, व्रत आदि में पंचामृत इस्तेमाल करने का विशेष महत्व बताया गया है।
हरतालिका तीज का दान सामग्री
हरतालिका तीज पर सुहागिन महिलाएं सिंदूर, मेहंदी, बिंदी, आलता, कंघा, काजल, बिछिया, चूड़ियां, कुमकुम, अबीर, चंदन और काजल आदि श्रृंगार का सामग्री किसी सुहागन महिलाओं को भेंट जरुर करें। ऐसा करने से दांपत्य जीवन में चल रहा तनाव कम हो जाता है। इसके साथ ही, रिश्तों में प्रेम बना रहता है। व्रती महिलाओं को इस दिन सोलह श्रृंगार भी जरुर करना चाहिए और हाथों में मेहंदी भी लगाई जाती है। यह काफी शुभ माना जाता है।