3 दिन के भीतर माफी मांगें जुकरबर्ग...PM मोदी ने Gen Z को भड़काने वालों का कर दिया पक्का इलाज?

By अभिनय आकाश | Aug 05, 2026

सूचना प्रौद्योगिकी (IT) पर संसदीय स्थायी समिति ने मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह वीडियो हटाने के लिए माफ़ी मांगें, जिसमें उन्होंने छात्रों और Gen Z से परीक्षा से जुड़े विवादों पर बात की थी। लोकसभा सचिवालय ने सरकार से कहा है कि अगर जुकरबर्ग माफ़ी नहीं मांगते हैं, तो IT एक्ट के तहत मेटा प्लेटफ़ॉर्म को मिली सुरक्षा वापस ली जा सकती है और उन पर कार्रवाई हो सकती है। द इंडियन एक्सप्रेस को लोकसभा की डायरेक्टर ए. ज्योतिर्मयी का इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय के सेक्रेटरी एस कृष्णन को लिखा एक पत्र मिला है। इस पत्र में 3 अगस्त को संसदीय स्थायी समिति की बैठक का ज़िक्र है, जिसमें गृह मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और मेटा (जो Facebook, WhatsApp और Instagram चलाती है) समेत सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।

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देश को अस्थिर करने की सोच

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे IT पर बनी संसदीय समिति के प्रमुख हैं। इससे पहले, गोड्डा के सांसद ने कहा था कि प्रधानमंत्री का वीडियो हटाने के पीछे की सोच देश को अस्थिर करने की थी। जब भारत के प्रधानमंत्री का वीडियो हटाया जा सकता है, और उन्होंने खुद माना कि यह रात 12:30 बजे से सुबह 5 बजे के बीच पांच घंटे तक उपलब्ध नहीं था... तो यह बहुत गंभीर बात है और हमारी समिति ने दो बातें साफ तौर पर कही हैं कि यह माफ़ी खुद ज़करबर्ग को मांगनी चाहिए। दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पत्रकारों से कहा अगर आप एल्गोरिदम में बीजेपी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी की व्यूअरशिप देखें, तो यह सिर्फ़ 25 मिलियन है। और, जो न तो रजिस्टर्ड पार्टियां हैं और न ही NGO, बल्कि गुमराह होकर सड़कों पर हैं... उनकी व्यूअरशिप 27 मिलियन है। उन्होंने कहा कि आरक्षण-विरोधी एक फ़ोरम, जो पांच-छह दिन पहले ही बना था, उसकी व्यूअरशिप 7 मिलियन है। इसकी वजह यह है कि उनकी पॉलिसी पुरानी संस्थाओं के बजाय नई संस्थाओं को बढ़ावा देने की है। सोमवार को हुई IT पैनल की बैठक में शामिल विपक्ष के सदस्यों का मानना ​​था कि असहमति को अपराध और व्यंग्य को देशद्रोह नहीं माना जा सकता। मेटा के प्रतिनिधियों ने PM का वीडियो हटाए जाने की वजह अपने ऑटोमेटेड कंटेंट फ़िल्टर में आई गड़बड़ी को बताया था। मेटा के प्रवक्ता के अनुसार, कंटेंट "गलती से" हटाया गया था और अब उसे प्लेटफ़ॉर्म पर वापस ला दिया गया है। सोशल मीडिया की इस बड़ी कंपनी ने कहा था कि अब प्रधानमंत्री और अन्य प्रमुख अकाउंट्स की पोस्ट पर प्लेटफ़ॉर्म की तरफ़ से अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। उस समय IT मंत्रालय के सूत्रों ने कहा था कि मेटा का स्पष्टीकरण "उचित नहीं" था।

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