अगर आपको भी हर बात में "यस मैडम" कहने की है आदत तो कांग्रेस का ये नया मेंबरशिप फॉर्म आपके लिए ही है

By अभिनय आकाश | Oct 25, 2021

सार्वजनिक मंचों से अपनी ही पार्टी की आलोचना करने वाले जी-23 नेताओं से कांग्रेस सावधान हो गई है। जी 23 नेताओं (जी -23) के अपने समूह द्वारा कांग्रेस पार्टी की नीतियों को लेकर खुले मंच से की गई आलोचना के बाद अब पार्टी की प्राथमिक सदस्यता लेने की इच्छा रखने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं से सार्वजनिक मंचों पर पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों की आलोचना नहीं करने का वचन मांगा है।

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जी-23 नेताओं ने की थी आलोचना

जी -23 के नेता कपिल सिब्बल ने सितंबर में कहा था कि पार्टी के नेता इस बात से अनजान हैं कि पार्टी में कौन निर्णय ले रहा है क्योंकि कोई अध्यक्ष नहीं है। उन्होंने कहा था कि हमारी पार्टी में कोई अध्यक्ष नहीं है इसलिए हमें नहीं पता कि ये निर्णय कौन ले रहा है। हम जानते हैं और फिर भी हम नहीं जानते। गुलाम नबी आजाद ने भी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की तत्काल बैठक की मांग की थी। जी-23 नेताओं ने सीडब्ल्यूसी सदस्यों, केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) के सदस्यों और संसदीय बोर्ड चुनावों के लिए चुनाव की मांग की थी। 

सोनिया ने किया था पलटवार

16 अक्टूबर को सीडब्ल्यूसी की बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने जी-23 नेताओं पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला किया था और कहा था कि मीडिया के माध्यम से उनसे बात करने की कोई आवश्यकता नहीं है और पार्टी के लोगों को उनसे सीधे बात करने का सुझाव दिया। एक तरह से, उन्होंने दिखाया कि पार्टी में उनकी स्थिति पर सवाल नहीं उठाया जा सकता क्योंकि वह "पूर्णकालिक और व्यावहारिक" पार्टी प्रमुख हैं। 

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