By Renu Tiwari | Sep 23, 2025
पश्चिम बंगाल में कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में रात भर भारी बारिश के कारण जनजीवन लगभग ठप हो गया है। भारी बारिश के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए, जिससे यातायात, सार्वजनिक परिवहन और दैनिक गतिविधियां ठप हो गयीं। अधिकारियों ने बताया कि पटरियों पर जलभराव के कारण शहर और उपनगरों में ट्रेन और मेट्रो रेल सेवाएं बाधित हुईं। आधी रात के बाद शुरू हुई बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं और शहर में कई घरों और आवासीय परिसरों में पानी घुस गया।
उन्होंने कहा कि जल्द ही सामान्य सेवाएं बहाल होने की उम्मीद है। पूर्वी रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि पटरियों पर पानी भर जाने के कारण सियालदह दक्षिण खंड में ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है, जबकि सियालदह उत्तर और मुख्य खंड में अस्थाई सेवाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण पटरियों पर पानी भर जाने से पूर्वी रेलवे के हावड़ा और कोलकाता टर्मिनल स्टेशनों के लिए ट्रेन सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं।
उन्होंने बताया कि चितपुर यार्ड में जलभराव के कारण सर्कुलर रेलवे लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही भी रोक दी गई है। भारी बारिश और सड़कों पर पानी भर जाने के कारण कई स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी है। सार्वजनिक परिवहन की कमी और यातायात जाम के कारण कार्यालय जाने वालों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। शहर में और अधिक बारिश होने की आशंका है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्व में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अनुसार, शहर के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में बारिश की तीव्रता ज्यादा रही। गरिया कामदहारी में कुछ ही घंटों में 332 मिलीमीटर बारिश हुयी, जबकि जोधपुर पार्क में 285 मिमी बारिश दर्ज की गई। कालीघाट में 280 मिमी, तोपसिया में 275 मिमी, बल्लीगंज में 264 मिमी, जबकि उत्तरी कोलकाता के थंटानिया में 195 मिमी बारिश हुयी।
विभाग ने कहा कि बुधवार तक दक्षिण बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर और पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झारग्राम और बांकुड़ा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। उसने कहा कि 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उससे सटे उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक और नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।