By अभिनय आकाश | May 21, 2024
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के वकील से पूछा कि क्या ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दायर अभियोजन शिकायत पर संज्ञान लेने के बाद उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी जा सकती है। हेमंत सोरेन के वकील ने कोर्ट के सवाल का जवाब देने के लिए कल तक समय मांगा है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 22 मई के लिए सुनवाई फिर से सूचीबद्ध की। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने मामले को बुधवार को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए सोरेन के वकील से यह बताने को कहा कि जब नियमित जमानत के लिए उनकी याचिका खारिज कर दी गई है तो उनके लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत कैसे दी जा सकती है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई बुधवार को तय की।
ईडी ने अपने हलफनामे में सोरेन पर राज्य मशीनरी का दुरुपयोग करके मनी लॉन्ड्रिंग जांच को बाधित करने का सक्रिय प्रयास करने का आरोप लगाया। इसने लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत के लिए उनकी "विशेष प्रार्थना" का विरोध किया है। सोरेन ने झारखंड उच्च न्यायालय के 3 मई के आदेश को चुनौती दी थी, जिसने ईडी द्वारा उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ उनकी याचिका खारिज कर दी थी।