By दिव्यांशी भदौरिया | Mar 10, 2026
40 की उम्र के बाद कई महिलाओं को यूटीआई की समस्या बार-बार होने लगती है। इसके साथ ही कुछ महिलाओं को पेशाब के रिसाव यानी यूरिन लीकेज की परेशानी भी महसूस होती है। दरअसल, इस उम्र में शरीर में हार्मोनल बदलाव तेजी से होते हैं, जो इन दिक्कतों की वजह बन सकते हैं। ऐसे में डाइटिशियन द्वारा बताई गई यह देसी हर्बल चाय इन समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकती है। गौरतलब है कि पेरिमेनोपॉज में महिलाओं के शरीर में कई हार्मोंस ऊपर-नीचे हो जाते हैं। इस कारण से मूड स्विंग्स और कमजोरी सहित कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान कई महिलाओं को यूटीआई बार-बार हो जाता है, अक्सर यूरिन पर कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है और यूरिन लीकेज की दिक्कत हो जाती है। 40 की उम्र के बाद यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) को बढ़ना और यूरिन लीकेज जैसी परेशनियां एस्ट्रोजन के लेवल में कमी के कारण हो सकती हैं।
40 की उम्र में अक्सर यूटीआई और यूरिन लीकेज को कम कर सकती है ये देसी चाय
- हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया है कि 40 की उम्र के बाद यूरिन लीकेज और यूटीआई को कम करने में कीगल एक्सरसाइज के साथ ये हर्बल टी मदद कर सकती हैं। धनिए, सौंफ शतावरी और कैमोमाइल से बनने वाली ये हर्बल चाय आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकती है।
- धनिए के बीज नेचुरल ड्यूरेकिट की तरह काम करती है और पेशाब में जलन और यूटीआई को कम कर सकती है। इससे यूरिनरी इंफेक्शन कम होता है। दरअसल, शतावरी एस्ट्रोजन को बैलेंस करती है और पेल्विक मसल्स को मजबूत करती है। शतावरी, यूरिनरी हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है।
- कैमोमाइल चाय ब्लैडर से जुड़ी परेशानियों को कम करने में सहायक मानी जाती है। वहीं सौंफ के बीज यूरिनरी ट्रैक्ट की मांसपेशियों को रिलैक्स करने में मदद करते हैं। सौंफ हार्मोनल संतुलन बनाए रखने के साथ सूजन को भी घटाने में फायदेमंद होती है। इसके अलावा कैमोमाइल चाय नर्वस सिस्टम को शांत करके शरीर को आराम देने में भी मदद करती है।
कैसे बनाएं यह चाय?
- सबसे पहले बड़े गिलास पानी को पैन में डालें।
- इसके बाद इसमें 1 टीस्पून धनिए के बीज डालें।
- फिर इसमें 1 चम्मच सौंफ के बीज मिलाएं।
- अब इसमें 1 टुकड़ा शतावरी डालें।
- इसके बाद 1 चम्मच कैमोमाइल टी मिलाएं।
- इसे आधा रह जाने तक उबालें।
- इसे छान लें और 8-12 हफ्तों तक दिन में एक बार जरुर पिएं।