By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 01, 2025
मुंबई उच्च न्यायालय ने 2008 में पुणे में अपनी पूर्व प्रेमिका और सहकर्मी की ‘‘नृशंस’’ हत्या के लिए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है।
अदालत ने मध्य प्रदेश निवासी इंजीनियर मोहिंदर मधुरेश की अपील को खारिज कर दिया, जिसमें सत्र न्यायालय द्वारा दिसंबर 2016 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें उसे हत्या का दोषी ठहराया गया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मधुरेश ने 20 अक्टूबर, 2008 को पुणे स्थित अपने फ्लैट में खुशबू मिश्रा की हत्या कर दी थी। उस समय दोनों की उम्र 22 साल थी और नौकरी मिलने के बाद वे शहर आ गए थे।
मध्य प्रदेश में कॉलेज के दिनों में दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। पुणे आने के बाद, मतभेदों के चलते महिला ने मधुरेश से संबंध तोड़ लिया, जिससे वह नाराज हो गया। इसके बाद उसने खुशबू को परेशान करना और धमकाना शुरू कर दिया।