पहाड़ी राज्य हिमाचल की जनता किसे देगी आशीर्वाद?

By संतोष पाठक | May 17, 2019

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में आखिरी चरण में 19 मई को सभी 4 लोकसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। 2014 के लोकसभा चुनाव में सभी चारों सीटें जीतने वाली बीजेपी ने इस बार दो सीटों– शिमला और कांगड़ा के मौजूदा सांसद का टिकट काट दिया है। इस बार दोनों राष्ट्रीय दलों की तरफ से कुल मिलाकर 5 विधायक सांसद का चुनाव लड़ रहे हैं मतलब जीत-हार किसी की भी हो, इस प्रदेश में विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना तय है। हिमाचल प्रदेश में चुनाव करवा पाना कई मायनों में किसी चुनौती से कम नहीं होता है। यहां कई बूथ पहाड़ की इतनी ऊंचाई पर है कि वहां तक पहुंचने के लिए चुनाव कर्मियों को कई-कई घंटे पैदल चलना पड़ता है। इस बार प्रदेश में डेढ़ लाख से ज्यादा मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रदेश में कुल 53 लाख 30 हजार मतदाता यह तय करेंगे कि वो दिल्ली में किसकी सरकार देखना चाहते हैं।

1. मंडी (कुल वोटर- 12.81 लाख)– लोकसभा क्षेत्र को हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी भी कहा जाता है। इस बार छोटी काशी में कई राम की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। यहां सरकार बनाम सुखराम की लड़ाई में एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर है तो दूसरी तरफ क्षेत्र के मौजूदा सांसद रामस्वरूप शर्मा है। पहाड़ी राज्य के एक और दिग्गज नेता सुखराम की प्रतिष्ठा भी यहां दाव पर लगी है। बीजेपी ने इस सीट से जहां अपने मौजूदा सांसद रामस्वरूप शर्मा को ही चुनावी मदान में उतारा है। वहीं घर वापसी कर चुके सुखराम के पोते आश्रय शर्मा यहां से कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोंक रहे हैं। हालांकि बेटे को टिकट मिलने के बाद हिमाचल बीजेपी सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले सुखराम के बेटे अनिल शर्मा ने अभी तक बीजेपी को अलविदा नहीं कहा है। माना यह जा रहा है कि भले ही यह मुकाबला रामस्वरूप और आश्रय के बीच हो रहा हो लेकिन असली मुकाबला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रदेश के दिग्गज नेता सुखराम के बीच ही है क्योंकि दोनों ही नेता इसी इलाके के हैं। मुख्यमंत्री की विधानसभा सीट सराज भी इसी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। बसपा से सेस राम चुनावी मैदान में हैं। 

2. हमीरपुर (कुल वोटर– 13.62 लाख)– लोकसभा क्षेत्र में इस बार ठाकुर बनाम ठाकुर की लड़ाई देखने को मिल रही है। बीजेपी ने यहां से अपने वर्तमान सांसद अनुराग ठाकुर को चुनावी मैदान में उतारा है। जबकि कांग्रेस की तरफ से पूर्व एथलीट, हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके और नैनादेवी इलाके से विधायक रामलाल ठाकुर चुनावी मैदान में हैं। बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे अनुराग ठाकुर चौथी बार जीत हासिल करने के लिए हमीरपुर के चुनावी मैदान में उतरे हैं। आपको बता दे कि इसी लोकसभा क्षेत्र में आने वाले सुजानपुर विधानसभा सीट से ही पिछली बार अनुराग के पिता और पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल चुनाव हार गए थे जिसकी वजह से वो बीजेपी के जीतने के बावजूद फिर से मुख्यमंत्री नहीं बन पाए थे। बसपा से देशराज ताल ठोंक रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: गुरू की नगरी में पुरी के सामने स्थानीय कांग्रेसी की चुनौती

3. कांगड़ा (कुल वोटर– 14.27 लाख)– चाय और चावल के लिए प्रसिद्ध कांगड़ा को किसी जमाने में नगरकोट के नाम से जाता जाता था। बीजेपी ने यहां से अपने मौजूदा और 4 बार सासंद रह चुके दिगग्ज नेता शांता कुमार का टिकट काटकर गद्दी समुदाय के नेता और हिमाचल सरकार के वर्तमान मंत्री किशन कपूर को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने ओबीसी कार्ड खेलते हुए अपने विधायक पवन काजल को उम्मीदवार बनाया है। बसपा से केहर सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। यहां कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही जातीय आंकड़ो के सहारे जीत हासिल करना चाहते है। 

इसे भी पढ़ें: मोदी-योगी सहित कई दिग्गजों की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा दांव पर

4. शिमला (कुल वोटर– 12.59 लाख)- पहाड़ी राज्य की एकमात्र रिजर्व सीट है जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। संसदीय सीट पर किसी जमाने में कांग्रेस लगातार जीत हासिल करती रही है लेकिन पिछले दो चुनावों से यहां बीजेपी परचम लहरा रही है। हालांकि बीजेपी ने अपने वर्तमान सांसद वीरेंद्र कश्यप को हैट्रिक बनाने का मौका नहीं दिया। मौजूदा सांसद का टिकट काटते हुए बीजेपी ने अपने विधायक सुरेश कश्यप को चुनावी मैदान में उतारा है। उधर कांग्रेस ने इसी सीट से दो बार सांसद का चुनाव जीतने वाले धनि राम शांडिल को एक बार फिर से कांग्रेस को जीत दिलाने के लिए मैदान में उतारा है। जबकि बसपा की तरफ से विक्रम सिंह ताल ठोंक रहे हैं। यहां दो फौजियों के बीच मुख्य लड़ाई है।

- संतोष पाठक

प्रमुख खबरें

IPO Market में जबरदस्त हलचल: अगले हफ्ते 5 कंपनियां जुटाएंगी ₹7,443 करोड़, Investors के लिए बड़ा मौका

Maruti Suzuki का ₹35,000 करोड़ का Investment Plan: 5 साल में 63 लाख कारों की बिक्री का है महा-लक्ष्य

Galle Test से पहले Team India में बड़ा फेरबदल, Sai Sudharsan की जगह Sarfaraz Khan को मिली जिम्मेदारी

Shubman Gill फिट, Yashasvi Jaiswal का जलवा, Sri Lanka के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया का दमदार प्रदर्शन