By अंकित सिंह | Oct 12, 2026
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को राहुल गांधी और कांग्रेस पर भारतीय लोकतंत्र की नींव पर हमला करने का आरोप लगाया। X पर एक पोस्ट में सरमा ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी भारत के जीवंत लोकतंत्र की नींव पर हमला कर रही है। उनका दोहरा रवैया साफ दिखता है। जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री चुने जाते हैं, तो राहुल गांधी इसे हेर-फेर कहते हैं, लेकिन संसद के लिए उनका अपना चुनाव और उसके बाद विपक्ष के नेता के तौर पर उनका चुना जाना सवाल से परे है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भाजपा चुनाव जीते तो वोट चोरी! कांग्रेस चुनाव जीते तो सीनाजोरी ? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद की हार का बदला लेने के लिए राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों का अपमान कर रहे है। राहुल ने बयान पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि जिनमें राम मंदिर जाने की हिम्मत नहीं है, वे शिव तांडव की बात कर रहे हैं। Hypocrisy की भी एक सीमा होती है! सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि जब भी उन्हें चुनावी हार का सामना करना पड़ता है या हार की आशंका होती है, तो वे लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और पार्टी कार्यकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश करते हैं।
सरमा ने कहा कि यह बिना जनसमर्थन के भारत में सत्ता परिवर्तन की कोशिश है। इस पूरे आंदोलन को विदेशी ताकतों का समर्थन हासिल है, जो नहीं चाहतीं कि भारत तरक्की करे। उन्होंने इन विरोध प्रदर्शनों को "दिमागी नक्सलियों" की हताशा का नतीजा बताया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई, पूर्वोत्तर में शांति बहाली और पाकिस्तान के अंदर भारत की सैन्य कार्रवाई ने देश को मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बार जब राहुल गांधी चुनाव हारते हैं या उन्हें अपनी हार का अंदेशा होता है, तो वे मासूम कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गुमराह करने के लिए ऐसे कदम उठाते हैं। कांग्रेस की संगठनात्मक ताकत पर सवाल उठाते हुए सरमा ने दावा किया कि हाल ही में हुए नगांव लोकसभा उपचुनाव के दौरान 70% से ज़्यादा मतदान केंद्रों पर पार्टी के पास पोलिंग एजेंट तक नहीं थे। सरमा ने कहा कि बीजेपी, एआईयूडीएफ और निर्दलीय उम्मीदवारों ने एजेंट तैनात किए थे, जबकि कांग्रेस को इस भूमिका के लिए लोग खोजने में भी संघर्ष करना पड़ा।