काबुल की झंडों की दुकान में अफगानिस्तान का इतिहास दर्ज, पढ़े ये स्पेशल रिपोर्ट

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 13, 2021

काबुल। काबुल में एक बाजार के कोने में झंडों की छोटी सी दुकान में अफगानिस्तान के दशकों का उथल-पुथल भरा इतिहास वहां बेचे जाने वाले अनेक उत्पादों में दर्ज है। अब दुकान सफेद तालिबानी झंडों से भरी हुई है जिसमें काले रंग में अरबी में कुरान की आयतें लिखी हैं। रविवार को चार किशोर फ्लोरेसेंट रोशनी से चमकती मेज पर रखे सफेद कपड़े पर लिखी कुरान की आयातों के खांचे में काली स्याही भरकर उसे सूखने के लिए बालकनी की रेलिंग पर डालते नजर आए।

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इसके बाद देश में गृहयुद्ध छिड़ गया। तालिबान का 1996 से 2001 तक सत्ता पर कब्जा रहा और उसे अमेरिका नीत सेना ने सत्ता से बाहर किया। अगस्त के आखिर में अमेरिका और नाटो के जाने के बाद तालिबान की वापसी हुई। उन्होंने कहा कि वह अफगानिस्तान में रहेंगे भले किसी का भी शासन आए। होनारवर ने कहा,‘‘ मैं अफगानिस्तान से प्यार करता हूं और यहीं रहना चाहता हूं। चाहे किसी की भी सत्ता आए, मेरा कारोबार चल रहा है और आगे भी जारी रहेगा।

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