शपथग्रहण समारोह में दिखा इतिहास, वर्तमान और भविष्य वाला नजारा, अटल का मार्गदर्शन, मोदी का वचन और योगी का शासन

By अभिनय आकाश | Mar 25, 2022

25 मार्च को शाम 4 बजे योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में योगी कैबिनेट 2.0 का शपथ ग्रहण कई मायनों में खास रहा। लखनऊ से अटल जी का गहरा नाता रहा है और ये किसी से छुपा भी नहीं है। बल्कि लखनऊ को अटल की कर्मभूमि भी कहा जाता है। वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तर प्रदेश की शुरुआत तो उसी दिन हो गई थी जब पहली दफा लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने महादेव की नगरी काशी को चुनते हुए कहा था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है। जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम बनने से पहले से ही गोरखपुर के गोरक्षपीठ के महंत हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश के योगी 2.0 के शपथ ग्रहण में बीजेपी के इतिहास, वर्तमान और भविष्य की राजनीति की झलक भी नजर आती है।

इसे भी पढ़ें: योगी आदित्यनाथ ने की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से की मुलाकात, पेश किया उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने का दावा

वर्तमान: एक दौर ऐसा आया जब वाराणसी में केसरिया रंग के आगे बाकी सारे रंग फीके पड़ गए थे। हर हर मोदी घर घर मोदी के नारे के साथ बचपन में चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी ने जब काशी के लोगों को यह बताया कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया है तो बनारस के नौजवान से लेकर हर तबके के इंसान ने सभी दलों की चुनावी केतली खाली करके भाजपा का प्याला वोटों से भर दिया था। वाराणसी में मोदी ने गंगा को याद किया उनकी आराधना की गंगा आरती की, बाबा विश्वनाथ को नमन किया और नमन किया वाराणसी के मतदाताओं को जिन्होंने देश की सबसे बड़ी पंचायत के लिए मोदी को अपना नुमाइंदा चुना। साल 2022 के चुनाव को लेकर जब य़ोगी-मोदी के बीच की कैमिस्ट्री पर कई सवाल उठ रहे थे।  मुख्यमंत्री योगी के कंधे पर हाथ रखकर प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें जो कुछ समझाया, उसे योगी ने ऐसे समझ लिया कि विपक्ष मुंह ताकता रह गया। 

इसे भी पढ़ें: टीएमसी ने बीरभूम हिंसा जैसी उत्तर प्रदेश की घटनाओं पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया

भविष्य: साल 2022 के चुनाव में योगी ने इतिहास की छाती पर चढ़कर अपने पराक्रम का लोहा मनवा लिया। 2017 की तुलना में भले ही उनकी कुछ सीटें कम हुई है। लेकिन वोट बढ़ गए हैं। अब ये महत्वपूर्ण नहीं रह गया कि योगी फिर से यूपी के मुख्यमंत्री बनेंगे. बल्कि बात इससे आगे की उठने लगी कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से आगे योगी के लिए क्या है? अब तक बीजेपी में नंबर 1 और नंबर 2 की जो पोजिशन थी वो बिल्कुल साफ थी। राजनीति की आम बोलचाल में भी मोदी-शाह की जोड़ी का जिक्र नंबर 1 नंबर 2 के रूप में किया जाता था। यानी नंबर तीन की कोई व्यवस्था ही नहीं थी लेकिन उत्तर प्रदेश के नतीजों ने योगी आदित्यनाथ को इस स्थिति में ला दिया है कि उन्हें चाहे दबे स्वर में ही सही नंबर 3 कहा जाने लगा है।

प्रमुख खबरें

BSE Sensex में 1,124 अंक की भारी गिरावट, Nifty 22,800 के नीचे फिसला

October में Kolkata Trip का बनाएं प्लान, Durga Puja के साथ घूमें ये प्रमुख जगहें

Air India में बचत के सुझाव देने वाले कर्मचारी होंगे पुरस्कृत, CEO Tewolde Gebremariam का एलान

WPL 2027: Mumbai Indians, RCB और Delhi Capitals ने जारी की Retained Players की लिस्ट