प्रधानमंत्री मोदी का महा विदेशी दौरा: यूएई से यूरोप तक, भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव की एक झलक

By रेनू तिवारी | May 12, 2026

वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल और बदलती विश्व व्यवस्था के बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार से अपनी छह दिवसीय अत्यंत महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए है, बल्कि व्यापार, रक्षा, नवाचार और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत की वैश्विक स्थिति को और मजबूत करने का एक बड़ा अवसर है।

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विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने में सहायक होगा। यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और पिछले 25 वर्षों में कुल निवेश का सातवां सबसे बड़ा स्रोत रहा है। मंत्रालय ने कहा कि यूएई में 45 लाख से अधिक भारतीय समुदाय के लोगों के रहने के कारण यह यात्रा समुदाय के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का भी अवसर प्रदान करेगी।

अपनी यात्रा के दूसरे चरण में मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड की यात्रा करेंगे। 2017 में नीदरलैंड की यात्रा के बाद यह नीदरलैंड की उनकी दूसरी यात्रा होगी। प्रधानमंत्री, राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा रक्षा, सुरक्षा, नवाचार, हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और जल पर रणनीतिक साझेदारी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उच्च स्तरीय बैठकों और घनिष्ठ सहयोग की गति को और मजबूत करेगी। मंत्रालय ने कहा कि उनकी यह यात्रा बहुआयामी साझेदारी को और गहरा और विस्तारित करने का अवसर प्रदान करेगी।

नीदरलैंड से प्रधानमंत्री अपने स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर 17 से 18 मई तक दो दिवसीय यात्रा के लिए स्वीडन जाएंगे। इससे पहले मोदी ने 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के लिए स्वीडन की यात्रा की थी। मोदी, स्वीडन के प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों की समग्र समीक्षा की जाएगी और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशे जाएंगे जो 2025 में 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।

अपनी वार्ता में दोनों पक्ष हरित परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), उभरती प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं, रक्षा, अंतरिक्ष, लोगों का लोगों से संबंध और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘दोनों देशों के प्रधानमंत्री यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ को भी संबोधित करेंगे, जो एक प्रमुख अखिल यूरोपीय व्यापारिक नेताओं का मंच है।’’

अपनी यात्रा के चौथे चरण में मोदी 18 से 19 मई तक नॉर्वे में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और साथ ही नॉर्वे के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्या से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री योनस गहर स्टोरे के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वर्ष 1983 के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्रा होगी।

स्टोरे ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। जलवायु, प्रौद्योगिकी, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा में भारत की केंद्रीय भूमिका है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह दौरा वैश्विक अस्थिरता के इन दौर में भारत, नॉर्वे और नॉर्डिक देशों के साथ सहयोग के महत्व को रेखांकित करता है। हम अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नियम-आधारित विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए एकजुट हैं।’’

विदेश मंत्रालय के अनुसार, मोदी नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह यात्रा भारत-नॉर्वे संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करने तथा व्यापार और निवेश पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते का लाभ उठाने के साथ स्वच्छ एवं हरित प्रौद्योगिकी और नीली अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करते हुए इन्हें और मजबूत करने का मार्ग तलाशने का अवसर प्रदान करेगी।’’

यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के सदस्य देश आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड हैं। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी अपनी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर 19 से 20 मई तक इटली की आधिकारिक यात्रा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार जून 2024 में जी7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली का दौरा किया था। इस यात्रा के दौरान वह राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री मेलोनी से बातचीत करेंगे।

 PTI News

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