Hockey India की 18 सितंबर को आपात बैठक, आंतरिक विवाद और HIL पर होगी चर्चा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 15, 2026

विवादों से घिरे हॉकी इंडिया ने अपने शीर्ष अधिकारियों के बीच मतभेदों को सुलझाने और हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के लिए स्वतंत्र संचालन परिषद गठित करने के लिए 18 सितंबर को यहां कार्यकारी बोर्ड की बैठक बुलाई है। हाल ही में संपन्न हुए एफआईएच विश्व कप से पहले भारतीय टीम की जर्सी का रंग नीले से बदलकर केसरिया करने को लेकर हुए विवाद के बाद से हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की और सचिव भोला नाथ सिंह के बीच मतभेद चल रहा है। टिर्की ने कहा कि जर्सी में बदलाव उनकी जानकारी और कार्यकारी बोर्ड की सहमति के बिना किया गया था। इसके बाद उन्होंने हॉकी इंडिया के महानिदेशक, कमांडर आर के श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस भेजा और तत्काल प्रभाव से उनके सभी अधिकार छीन लिए। 

पुरुषों और महिलाओं दोनों की एचआईएल के भविष्य को लेकर चर्चा बैठक के प्रमुख एजेंडा में शामिल है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को टिर्की और एचआईएल फ्रेंचाइजी के मालिकों के साथ बैठक की और उनसे लीग के लिए रोडमैप तैयार करने को कहा, जिसमें पांच सदस्यीय पैनल को संचालन और वित्तीय मॉडल पेश करने का काम सौंपा जाएगा। विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि फ्रेंचाइजी मालिकों ने एचआईएल के लिए एक नई संचालन परिषद गठित करने की मांग की जिसमें उनकी भागीदारी भी हो क्योंकि वे महासंघ द्वारा लीग के संचालन के तरीके से खुश नहीं हैं। 

भोला नाथ ने ईमेल में लिखा, ‘‘एचआईएल के पुनर्गठन के संबंध में चर्चा चल रही है, जिसके तहत एचआईएल को टीम फ्रेंचाइजी के साथ मिलकर संयुक्त उद्यम के रूप में चलाया जाएगा। एचआईएल प्राइवेट लिमिटेड का गठन एक अलग इकाई-कंपनी के रूप में किया जाएगा, जिसमें एचआईएल और फ्रेंचाइजी की इक्विटी क्रमश: 40 और 60 प्रतिशत होगी।’’ हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और दो सदस्यों तथा प्रत्येक फ्रेंचाइजी के दो प्रतिनिधियों के साथ हॉकी लीग की नई संचालन परिषद का गठन किया जाएगा। इस बैठक में हॉकी इंडिया के चुनावों की संभावित तिथियों पर भी चर्चा होगी।

प्रमुख खबरें

Periods से पहले के हर बदलाव को सामान्य PMS न समझें, ये हैं गंभीर Warning Signs

UCC पर Amit Shah के रुख के साथ टीडीपी, आंध्र प्रदेश इकाई अध्यक्ष ने दिया समर्थन

Gaurav Khanna ने क्यों छोड़ा Khatron Ke Khiladi 15? खुद बताया शो बीच में छोड़ने का कारण

गाजियाबाद पुलिस पर FIR के लिए Supreme Court पहुंचे पूर्व मेयर, याचिका खारिज