By नीरज कुमार दुबे | Apr 02, 2022
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की कवायद पूरी होने और राजनीतिक दलों से परामर्श के बाद विधानसभा चुनाव कराये जाएंगे। हम आपको बता दें कि लोकसभा में कुछ सदस्यों ने कश्मीर में विधानसभा चुनाव में देरी होने के विषय पर चिंता जाहिर की थी। इस पर जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा था कि उन्होंने अनुच्छेद 370 के प्रावधान समाप्त किये जाने के समय संसद में जो कहा था, वह सबके सामने है और रिकॉर्ड पर है।
उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर में जून 2018 से राष्ट्रपति शासन लागू है। भाजपा ने तब मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लिया था। मोदी सरकार ने अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था। जम्मू-कश्मीर अब विधानसभा के साथ केंद्रशासित प्रदेश है।