By अंकित सिंह | Sep 02, 2026
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उम्मीद जताई कि 'राम धन' (चंदे की रकम) का कोई गलत इस्तेमाल नहीं होगा। यह बात उन्होंने तब कही जब राम जन्मभूमि मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए 2 सितंबर को अयोध्या में राम जन्मभूमि ट्रस्ट की बैठक हुई। पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने आरोप लगाया कि अयोध्या में गरीब लोगों की जमीन हड़पकर उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब नई चीज़ें होती हैं, तो क्या हम पुरानी बातों को भूल जाते हैं? हमें किसी से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन जिस तरह से चंदे की चोरी हुई, उसमें आपने आम कर्मचारियों को तो जेल भेज दिया, पर बड़े नामों को छोड़ दिया। हमें उम्मीद है कि 'राम धन' की चोरी नहीं होगी।
उम्मीद है कि ट्रस्ट बैठक के दौरान चयन रिपोर्ट पर विचार करेगा और CEO की नियुक्ति को अंतिम रूप देगा। CEO चुनने के लिए बनाई गई तीन सदस्यों वाली सर्च कमेटी ने एक विस्तृत स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट पिछले दिन सौंपी। इस प्रक्रिया में 5,000 से ज़्यादा लोगों ने आवेदन किया था। कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली शामिल हैं।
यह रिपोर्ट एक उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान सौंपी गई, जिसमें ट्रस्ट के सदस्यों - कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज, महंत दिनेन्द्र दास, कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन और अयोध्या के ज़िला मजिस्ट्रेट शशांक त्रिपाठी - ने हिस्सा लिया।
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