By अभिनय आकाश | Sep 07, 2026
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेज़ाई ने कहा है कि अगर अमेरिका ईरान को धमकाना या उस पर हमला करना बंद कर दे, तो तेहरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खुला रखेगा। रविवार को ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान ब्रॉडकास्टिंग' (IRIB) को दिए एक इंटरव्यू में रेज़ाई ने कहा कि इस अहम समुद्री रास्ते पर ईरान का रुख सीधे तौर पर तेहरान के प्रति वॉशिंगटन के सैन्य रवैये से जुड़ा है। रेज़ाई ने IRIB से कहा ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए तब प्रतिबद्ध होगा जब अमेरिका न तो ईरान को धमकाएगा और न ही उस पर हमला करेगा। रेज़ाई ने यह भी कहा कि ईरान आने वाले दिनों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बाहर एक नया प्रतिबंधित समुद्री इलाका बनाने की योजना बना रहा है, जिससे फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी पाबंदियां बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा, "यह इलाका अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी वाली लाइन से शुरू होकर फारस की खाड़ी के इलाकों तक फैला होगा।" ईरान के सुरक्षा प्रमुख ने चेतावनी दी कि जो जहाज इस नए तय किए गए इलाके में आएंगे, उन पर पाबंदियां लगाई जाएंगी। रेज़ाई ने कहा, "इस नए इलाके में आने वाले किसी भी जहाज को प्रतिबंधों की सूची में डाल दिया जाएगा।"
रेज़ाई ने लेबनान के हालात और देश के संघर्ष में हिज़्बुल्लाह की भूमिका—खासकर इज़राइल के साथ दक्षिणी इलाके में चल रहे टकराव—पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सैन्य टकरावों को सिर्फ़ जीत और हार के नज़रिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "किसी भी युद्ध में लगातार जीत या लगातार हार का कोई मतलब नहीं होता; युद्ध में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि इज़राइली सेनाओं के लगातार सैन्य दबाव का सामना करने के बावजूद, हिज़्बुल्लाह ने पूरे संघर्ष के दौरान अपना पलड़ा भारी बनाए रखा।