By अभिनय आकाश | Jul 21, 2026
यमन के हूती विद्रोहियों ने घोषणा की कि वे सोमवार को सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी लागू करेंगे। यह कदम सऊदी अरब द्वारा सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर की गई नाकेबंदी और हवाई हमलों के जवाब में उठाया गया है। इस नाकेबंदी से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को खतरा है, जो लाल सागर का प्रवेश द्वार है और जहाँ से दुनिया का लगभग 12% व्यापार होता है। हूथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने एक वीडियो बयान में कहा कि सऊदी अरब पर समुद्री प्रतिबंध तुरंत लागू होगा और इसे "आँख के बदले आँख" वाली कार्रवाई बताया। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि इस बारे में कोई और जानकारी नहीं दी गई कि यह रोक कैसे काम करेगी, लेकिन हूती मीडिया ऑफिस के डिप्टी हेड, नसरुद्दीन आमेर ने एक्स पर कहा कि सऊदी अरब के लिए बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (strait) को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने ऐसा सऊदी अरब द्वारा यमन के लोगों पर 10 साल से ज़्यादा समय से लगाई गई अनुचित नाकेबंदी के जवाब में कहा।
ईरान के कब्ज़े के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ज़्यादातर बंद हो जाने के कारण, सऊदी अरब अपने कच्चे तेल को ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के ज़रिए रेड सी (Red Sea) तक भेज रहा है। रिस्टैड एनर्जी (Rystad Energy) के अनुसार, अब रोज़ाना लगभग 25 लाख बैरल तेल का ट्रांसपोर्ट खतरे में है, क्योंकि बाब अल-मंदेब (Bab al-Mandeb) पर हूतियों की नई नाकेबंदी से सऊदी अरब के तेल निर्यात का यह आखिरी रास्ता भी बंद होने का खतरा पैदा हो गया है। इससे सऊदी अरब पर अपने दोनों मुख्य शिपिंग रूट को लेकर एक साथ दबाव बढ़ गया है।