ट्रंप की प्रतीक्षा, द्विपक्षीय क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा, ट्रेड डील पर भारत-अमेरिका में कैसे बन गई बात?

By अभिनय आकाश | Apr 22, 2025

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत आए तो उनकी मुलाकात की तस्वीर पीएम मोदी के साथ जमकर शेयर की गई। पूरे भारत में जेडी वेंस और उनके परिवार की चर्चाएं रही। बच्चें सबसे बड़ी हाईलैंट रहें। लेकिन इन सब के बीच भारत और अमेरिका के बीच हुई एक और मुलाकात की नई तस्वीर भी सामने आई है। दोनों देशों ने व्यापार समझौते को लेकर सहमति जता दी है। व्यापार को लेकर दोनों देशों के बीच हुई बात काफी महत्वपूर्ण थी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात और दोनों नेताओं ने भारत अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को और तेज करने की बात कही इसका जिक्र इस मुलाकात में आया। बातचीत के दौरान उन्होंने कुछ शर्तों को अंतिम रूप देने की औपचारिक घोषणा भी कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी भी दी है। 

इसे भी पढ़ें: भारत में कदम रखने से पहले बड़ा खेल कर गए अमेरिकी उप राष्ट्रपति, फिर छिड़क दिया कट्टरपंथियों के जख्मों पर नमक

मोदी ने फरवरी में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई सकारात्मक चर्चा पर भी बात की, जिसमें 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' और 'विकसित भारत 2047' पर सहयोग का रोडमैप तैयार किया गया था। भारत और अमेरिका ने 2030 तक द्विपक्षीय कारोवार को 500 अरव डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इन दिनों अमेरिकी दौरे पर है। सोमवार को सैन फ्रैंसिस्को में भारतवंशियों से मुलाकात में निर्मला ने कहा कि मोदी सरकार 2047 तक देश को विकसित बनाने पर पूरा ध्यान दे रही है।  

इसे भी पढ़ें: Vance in India: JD Vance पहुंचे भारत, अश्विनी वैष्णव ने किया स्वागत, दिया गया औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर

अमेरिकी राष्ट्रपति के शुल्क विवाद ने वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। जवाबी शुल्क की घोषणा के कुछ दिनों बाद ट्रंप ने चीन को छोड़कर सभी देशों के लिए शुल्क पर 90 दिनों की रोक की घोषणा की। अमेरिका, भारत पर अधिक अमेरिकी तेल, गैस और सैन्य उपकरण खरीदने के लिए दबाव डाल रहा है, ताकि व्यापार घाटे को कम किया जा सके, जो भारत के पक्ष में लगभग 45 अरब अमेरिकी डॉलर है। वर्ष 2023 में वस्तुओं और सेवाओं में कुल द्विपक्षीय व्यापार 190 अरब अमरीकी डॉलर के साथ अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। वित्त वर्ष 2023-24 में, अमेरिका 4.99 अरब अमरीकी डॉलर के प्रवाह के साथ भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत था। 

प्रमुख खबरें

Bihar में बैंकों की मनमानी पर Samrat सरकार का अल्टीमेटम, खराब Performance पर बंद होगा Govt Deposit

RBI का Rules पर बड़ा प्रहार, 135 Non-Banking कंपनियों का पंजीकरण हुआ रद्द।

Mukesh Ambani का एक फैसला और बाजार में हरियाली, Reliance की तेजी ने निवेशकों को किया खुश।

Gold Price पर दोहरी मार: Profit Booking और US संकेतों से 1.50 लाख के नीचे फिसला सोना