By नीरज कुमार दुबे | May 06, 2025
कांग्रेस समेत विपक्ष के तमाम नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछ रहे हैं कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का बदला कब लिया जायेगा? कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय राय तो यहां तक कह रहे हैं कि राफेल लड़ाकू विमान से नींबू मिर्ची हटा कर कब उसे दुश्मन को सबक सिखाने के लिए भेजा जायेगा? कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पहलगाम हमले को दो सप्ताह हो चुके हैं लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। यहां सवाल उठता है कि क्या कोई छेड़ेगा तो हम छोड़ेंगे नहीं की बात कहने वाली मोदी सरकार वाकई हाथ पर हाथ धरे बैठी है? सवाल यह भी उठता है कि पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने में लग रहे समय को लेकर सवाल पूछ रही कांग्रेस को क्या इंदिरा गांधी का कार्यकाल याद नहीं है?
देखा जाये तो 1971 और आज की स्थितियां बिल्कुल अलग हैं इसलिए उस समय जो सात महीने लगे थे उतना समय इस बार नहीं लगेगा लेकिन फिर भी ऐसा तो हो नहीं सकता कि सात घंटे में ही कोई देश अपनी सेना को युद्ध के मैदान में उतार दे। सेना युद्ध के मैदान में उतर रही है तो पूरी तैयारी के साथ ही उतरेगी क्योंकि जंग जीतने के लिए लड़ी जाती है। विपक्षी नेताओं के सवालों से परेशान होकर सेना को अधूरी तैयारी के साथ मैदान में नहीं उतारा जा सकता यह बात बड़बोले नेताओं को समझनी चाहिए। कब हमला होगा, कब हमला होगा की रट लगाने वाले विपक्षी नेताओं को पता होना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेना को कार्रवाई के लिए पूर्ण रूप से छूट दे चुके हैं इसलिए अब यह सेना को ही तय करना है कि कार्रवाई कब और कहां होगी और किस स्तर की होगी? इसलिए रोज रोज सवाल पूछ कर पाकिस्तानी मीडिया में वायरल होने की चाहत रखने वालों को चाहिए कि वह भारतीय सेना के साथ खड़े हों और राष्ट्रीय एकता को किसी भी सूरत में तोड़ने की कोशिश ना करें। बड़बोले विपक्षी नेताओं को यह भी देखना चाहिए कि पाकिस्तान के खिलाफ श्रृंखलाबद्ध रूप से जो कूटनीतिक कार्रवाइयां की गयी हैं उसने इस्लामाबाद को हिला कर रख दिया है। सरकार पर दोषारोपण करने वालों को राजनीति के लिए आगे बहुत समय मिलेगा, यह समय सरकार के साथ खड़े रहने का है इसलिए एकता की बात सिर्फ बयानों में ही नहीं बल्कि आचरण में भी दिखनी चाहिए।