By रेनू तिवारी | Aug 07, 2025
भारत और अमेरिका के रिश्तों में ट्रंप के टैरिप के बाद सब कुछ ठीक नहीं है। भारत के खिलाफ लगातार अमेरिकी राष्ट्रपति चेतावनियां जारी कर रहे हैं। अमेरिका साथ ही पाकिस्तान ने नजदीकियां बढ़ाकर भारत पर दबाव भी बढ़ा रहा है। हाल ही में लगातार ट्रंप ने जो पाकिस्तान भारत के बीच सीजफायर कराने का क्रेडिट लिया था उस पर जब पीएम मोदी ने संसद में अपनी प्रतिक्रिया दी, जिससे भी ट्रंप काफी ज्यादा तिलमिला गये। और बस इसके बाद ही उन्होंने भारत पर 25 प्रतिशत का ट्रंप टैरिफ लगा दिया। अब भारत-अमेरिका के बीच जो स्थिति है इस पर पीएम मोदी में भारत का रुख साफ करते हुए अमेरिका के लिए एक और स्टेटमेंट जारी कर दिया है। ये स्टेंटमेंट किसी और ने नहीं बल्कि पीएम मोदी ने दिया है।
पिछले हफ़्ते, ट्रंप ने रूसी तेल और हथियार ख़रीदने के लिए भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि भारत 2022 में छिड़ने वाले यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत खुले बाज़ार में रूसी कच्चा तेल बेचकर भारी मुनाफ़ा कमा रहा है।
बुधवार को, उन्होंने भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया। इसके साथ ही, कुछ अपवादों को छोड़कर, अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है।
उन्होंने भारत को और "द्वितीयक प्रतिबंधों" की भी चेतावनी दी है। बुधवार को व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, "तो देखते हैं क्या होता है। आपको और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगा। आपको बहुत सारे द्वितीयक प्रतिबंध देखने को मिलेंगे।"
पिछले हफ़्ते ट्रंप द्वारा भारत सहित कई देशों पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ गुरुवार से लागू हो गए। इस बीच, अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ 27 अगस्त से लागू होंगे।
प्रधानमंत्री ने एमएस स्वामीनाथन के सम्मान में सिक्का जारी किया।
इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को दिवंगत प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया। कृषि वैज्ञानिक की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन कृषि विज्ञान में अपने अग्रणी कार्य के लिए व्यापक रूप से प्रशंसित हैं।
उन्होंने कहा, "...आज, दुनिया भर में जैव विविधता पर चर्चा हो रही है और सरकारें इसके संरक्षण के लिए कई कदम उठा रही हैं। लेकिन डॉ. स्वामीनाथन ने एक कदम आगे बढ़कर जैव-खुशी का विचार दिया। आज, हम यहां इसी विचार का जश्न मना रहे हैं। डॉ. स्वामीनाथन कहते थे कि जैव विविधता की ताकत से हम स्थानीय लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं।"