By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 03, 2026
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत इस वित्त वर्ष में बहुप्रतीक्षित बहु-उद्देशीय लड़ाकू विमान (एमआरएफए) सौदे को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, बशर्ते सब कुछ योजना के मुताबिक हो। भारत ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी रक्षा खरीद पहल के तहत फरवरी में फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लंबित प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता बढ़ाने के लिए इस प्रस्ताव को मूल रूप से करीब दो दशक पहले मंजूरी दी गई थी।
उन्होंने कहा कि सैन्य क्षमता के संदर्भ में वायु शक्ति महत्वपूर्ण बनी हुई है और भारत को अपनी वायु शक्ति को और बढ़ाने की जरूरत है। एयर चीफ मार्शल ने भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण के बारे में कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) के जरिए वायुसेना की क्षमता बढ़ानी होगी। उन्होंने कहा, “हमें कृत्रिम मेधा से सक्षम वायुसेना तैयार करनी होगी।” सिंह ने कहा कि समग्र युद्धक तैयारी के लिए आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण है।
वायुसेना प्रमुख ने लड़ाकू विमान के इंजन का उत्पादन भारत में करने की जरूरत पर भी जोर दिया।