By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 17, 2026
आईडीबीआई बैंक का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 39 प्रतिशत घटकर 2,205 करोड़ रुपये रह गया। बैंक ने शनिवार को यह जानकारी दी। बैंक ने पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,627 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था और इसमें नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) में अपनी रणनीतिक हिस्सेदारी की बिक्री से हुआ 1,699 करोड़ रुपये का एकमुश्त लाभ भी शामिल था।
बैंक की दूसरी तिमाही के नतीजे ऐसे समय में आए हैं, जब केंद्र सरकार ने इसी सप्ताह आईडीबीआई बैंक में अपनी और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को करीब 53,000 करोड़ रुपये में बेचने की मंजूरी दी है। यह भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में सबसे बड़ा विदेशी निवेश और बैंक के लंबे समय से लंबित निजीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। आईडीबीआई बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 9,865 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 9,594 करोड़ रुपये थी।
चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में बैंक की ब्याज आय बढ़कर 8,512 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 7,104 करोड़ रुपये थी। बैंक की शुद्ध ब्याज आय भी 29 प्रतिशत बढ़कर 4,228 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में यह 3,285 करोड़ रुपये थी। परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर बैंक ने सुधार दर्ज किया।
सितंबर, 2026 के अंत में सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) कुल अग्रिमों के 2.12 प्रतिशत पर आ गईं, जबकि एक साल पहले यह 2.65 प्रतिशत थीं। इसी तरह, शुद्ध एनपीए या फंसे कर्ज का अनुपात घटकर 0.17 प्रतिशत रह गया, जो सितंबर, 2025 के अंत में 0.21 प्रतिशत था।