By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 14, 2026
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन को मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की मंजूरी से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने का रास्ता खुलेगा। सीतारमण ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि सरकार ने बैंक को वित्तीय संकट से उबारने में मदद की और अब प्रस्तावित पुनर्गठन के माध्यम से उसकी वृद्धि के अगले चरण को गति दे रही है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत के सुधारों की यात्रा में आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को 52,878 करोड़ रुपये में बेचने की मंजूरी दी। एयर इंडिया की बिक्री के बाद यह देश का सबसे बड़ा रणनीतिक विनिवेश है। इससे सरकारी नियंत्रण वाले बैंकों के निजीकरण के एक नए दौर की शुरुआत होने की संभावना है।
इससे सरकारी परिसंपत्तियों में सरकार की हिस्सेदारी घटाने और वित्तीय क्षेत्र में निजी पूंजी आकर्षित करने के प्रयासों को गति मिलेगी। पुनर्गठित इकाई में केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की संयुक्त हिस्सेदारी 34 प्रतिशत रहेगी। सरकार और एलआईसी की कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी की प्रस्तावित बिक्री से बैंक का नियंत्रण फेयरफैक्स के पास चला जाएगा।
हालांकि, यह सौदा आवश्यक नियामकीय मंजूरियां मिलने पर निर्भर है।