By अंकित सिंह | Sep 19, 2024
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सरकार के 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि, कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। इन सब के बीच वन नेशन वन इलेक्शन पर राजद नेता तेजस्वी यादव का भी बयान सामने आया है। तेजस्वी ने मीडिया से कहा कि मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि बिल आने पर हम संसद में अपना रुख तय करेंगे।' उन्होंने कहा कि हम चुनाव के दौरान हमेशा कहते रहे हैं कि असंवैधानिक काम किया जा रहा है और लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अब अगर कोई सरकार गिर जाए तो आप क्या करेंगे? क्या आप राष्ट्रपति शासन लाएंगे? क्या आप अगले चुनाव तक राज्यपाल के माध्यम से सरकार चलाएंगे? लोगों का ध्यान बुनियादी मुद्दों से भटकाने के लिए ये लोग सजावटी चीजों में माहिर हैं। वे संघीय ढांचे की आत्मा को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं, वे खत्म हो जाएंगे लेकिन यह विविधता बनी रहेगी।' झामुमो प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि यह देश संघीय ढांचे से चलता है। ये फैसले हमें साम्राज्यवाद की ओर धकेल रहे हैं। यह न तो संभव है और न ही व्यावहारिक। यह संविधान पर हमला है।