By अभिनय आकाश | Jan 10, 2026
चीन ने युद्ध में हाइड्रोजन बम के इस्तेमाल की धमकी दे डाली है। ट्रंप को हाइड्रोजन बम से हराने की धमकी बीजिंग के बड़े थिंक टैंक की तरफ से आई है। बीजिंग थिंक टैंक के वीपी ने हाइड्रोजन बम की धमकी दी है। चीन पहले भी दावा कर चुका है कि उसके पास परमाणु बम से 10 गुना शक्तिशाली हाइड्रोजन बम है। इसका परीक्षण 1960 के दशक में ही किया जा चुका था। हाइड्रोजन बम के बारे में पहली जानकारी 1950 के दशक में आई थी। जैसे अमेरिका ने परमाणु बम का इस्तेमाल कर जापान को घुटने टेकने पर मजबूर किया था। दूसरे विश्व युद्ध के बाद रूस और चीन जैसे देशों ने परमाणु बम से ताकतवर विकल्पों की तलाश शुरू कर दी है। 1952 अमेरिका ने पहली बार हाइड्रोजन बम का परीक्षण प्रशांत महासागर में स्थित मार्शल आइलैंड के एनएवीटेक एटोल पर किया। 1953 सोवियत संघ ने मध्य साइबेरिया में हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया।
यह आकार में छोटे और ज्यादा विनाशक होते हैं। वैसे हाइड्रोजन बम तो अमेरिका के पास भी है। लेकिन जिस तरह ट्रंप युद्ध के लिए तैयार दिख रहे हैं। उन्हें हाइड्रोजन बम से होने वाले विनाश का खतरा बखूबी मालूम होगा।